भोपाल। मध्य प्रदेश कोटे की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल कर चुनावी माहौल को गरमा दिया है।
भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रत्याशी महेश केवट ने आज नामांकन पत्र दाखिल किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई वरिष्ठ नेता और विधायक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि भाजपा अपने तीसरे प्रत्याशी को भी विजय के मार्ग पर ले जाएगी।
इसी दौरान पार्टी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि बीना विधायक निर्मला सप्रे भाजपा के साथ बनी रहेंगी, जिससे राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से मीनाक्षी नटराजन ने भी आज अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कई विधायक मौजूद रहे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने नामांकन प्रक्रिया के दौरान विधायकों को रिटर्निंग अधिकारी के कक्ष में क्रमवार भेजकर प्रक्रिया पूरी कराई। नामांकन के बाद मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और पार्टी इस चुनाव में मजबूती से जीत हासिल करेगी।
इसी बीच राजनीतिक घटनाक्रम में कांग्रेस को झटका भी लगा है। भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से दो बार चुनाव लड़ चुके नरेश ज्ञानचंदानी ने मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने से नाराज होकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
एक अन्य घटनाक्रम में बीना विधायक निर्मला सप्रे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सीएम हाउस में मुलाकात के लिए पहुंचीं। हालांकि इस मुलाकात में क्या चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
राज्यसभा चुनाव को लेकर दोनों दलों में बयानबाजी और रणनीतिक गतिविधियों ने सियासी माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है।