खरगोन। जिले के बिस्टान में जमानियापानी की रहने वाली संजूबाई पति करण जाति बारेला को घर पर रविवार कि रात्रि नो बजे प्रसव के लिए पीड़ा चालू हुई परिजनों ने आशा कार्यकर्ता भावना सिसोदिया को बुलाकर घर लाये इसके बाद आशा कार्यकर्ता ने फोन लगाकर एंबुलेंस को बुलाया एम्बुलेंस जमानियापानी पहुंची एंबुलेंस मे लेटाकर संजू बाई को बिस्टान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए लाया जा रहा था तभी रास्ते में अनकवाड़ी में एम्बुलेंस खराब हो गई।
ड्राइवर ने बताया कि गाड़ी में तकनीकी समस्या आने से गाड़ी आगे नही बढ़ रही थी इस बीच महिला को प्रसव पीड़ा का दर्द तेज हो गया था। इस स्थिति को देखते हुए आशा कार्यकर्ता ने अनकवाड़ी एंबुलेंस से उतर कर अन्य वाहन की सहायता से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिस्टान पहुंची। जहां पर उपस्थित नर्सिंग ऑफिसर नेहा कदम को सूचना दी सूचना मिलते ही वह अपनी गाड़ी पर आशा कार्यकर्ता के साथ खराब हुई एंबुलेंस की जगह पर पहुंची। गर्भवती महिला को देखा तो बच्चे का सिर बाहर आ चुका था इसी को देखते हुए नर्सिंग ऑफिसर नेहा कदम ने अपनी तत्परता और अनुभव दिखाते हुए गाड़ी एक सो आठ के अंदर डिलीवरी करवाई। जब तक वहां उपस्थित पायलेट मांगीलाल खोड़े व एम टी संतोष गंगवाल ने दूसरी एंबुलेंस को फोन कर बुलाया दूसरी गाड़ी की सहायता से जच्चा बच्चा दोनों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिस्टान पर लाया गया सामाजिक कार्यकर्ता संजय मराठा व परिजनों ने बताया एंबुलेंस गाड़ियों की देखरेख पर शासन ने विशेष ध्यान देना चाहिए यह गाड़ी ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीणों की स्वास्थ्य सुविधा के लिए उपलब्ध है परंतु तकनीकी समस्याओं के चलते मरीज को परेशानियां उठानी पड़ती है अगर सही समय रहते आशा कार्यकर्ता व नर्सिंग ऑफिसर नेहा कदम नहीं पहुंचे होते तो कोई अनहोनी हो सकती थी।