मनासा। पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मनासा शाबेरा अंसारी के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे श्ऑपरेशन मुस्कानश् के तहत मनासा पुलिस ने सराहनीय कार्य करते हुए चंद घंटों में दो अलग-अलग मामलों में लापता हुई दो नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया है।
थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश अवस्थी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों मामलों में अपहरण के प्रकरण दर्ज कर बालिकाओं की तलाश शुरू की। प्रथम मामले में 22 जुलाई 2026 को एक फरियादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह मंदिर से लौटकर घर आया तो उसकी नाबालिग पुत्री घर पर नहीं मिली। परिजनों द्वारा आसपास एवं रिश्तेदारों के यहां तलाश करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा। इस पर थाना मनासा में अपराध क्रमांक 362/2026 के तहत धारा 137(2) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया।
वहीं, दूसरे मामले में एक फरियादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग बहन स्कूल जाने का कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा स्कूल, गांव एवं रिश्तेदारी में तलाश के बावजूद उसका पता नहीं चलने पर थाना मनासा में अपराध क्रमांक 363/2026 के तहत धारा 137(2) बीएनएस में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए मनासा पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर विभिन्न क्षेत्रों में रवाना किया। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सोशल मीडिया मॉनिटरिंग एवं मुखबिर तंत्र की सहायता से दोनों नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश अवस्थी, उप निरीक्षक सपना राठौड़, सहायक उप निरीक्षक दिलीप कुमार, सहायक उप निरीक्षक गोविंद सिंह राठौड़, महिला प्रधान आरक्षक रेखा गुर्जर, महिला आरक्षक सपना शक्तावत, आरक्षक राजमल कुमावत तथा साइबर शाखा नीमच की सराहनीय भूमिका रही।