नीमच। उप नगर नीमच सिटी का एकमात्र राठौर पार्क पूरी तरह बदहाली का शिकार है और जिम्मेदारों की तवज्जो का मोहताज भी। किसी समय बेहतरीन बगीचे के रूप में विकसित और सुसज्जित किया गया राठौर पार्क फिलहाल बियाबान और वीरान पड़ा हुआ है। गाजर घास से पटे हुए राठौर पार्क में कभी नीमच सिटी के महिला और पुरुष तफरीह करने आते थे। अब यहां आते हुए डर लगता है। यहां मवेशी टहलते हैं और गोबर बिखरा हुआ है। स्वच्छता का नामोनिशान नहीं है। बच्चों के खेलने के संसाधन मौजूद नहीं है। व्यायाम करने के जो संसाधन है वह तमाम बिखरे हुए हैं। बैठने की कुर्सियां टूटी पड़ी है। बदइंतजाम की सारी हदें पार हो चुकी है। फाउंटेन बंद पड़ा है। रोशनी के नाम पर अंधियारा छाया हुआ है। जिसका फायदा उठाकर रात के समय में असामाजिक तत्वों का डेरा लगा रहता है। महिला स्नानघर में तमाम अव्यवस्थाएं देखी जा सकती है। यहां गंदगी का अंबार लगा है। महिलाओं के लिए यहां स्नान करना तो दूर की बात है, अंदर घुस पाना ही मुहाल है। चौकीदार नहीं, कोई धणीधोरी नहीं। जिम्मेदारों को शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। शहर के मुख्य मार्ग की बेशकीमती जमीन पर मौजूद राठौर पार्क पर ज़िम्मेदारों की अनदेखी का नज़ारा सरेआम देखा जा सकता है।