नीमच। जिला चिकित्सालय में भर्ती घातक बीमारियों से पीड़ित और घायल मरीज़ों का इलाज करने में डॉक्टर्स लगातार अहम सफलता दर्ज कर रहे हैं। जिसका श्रेय मेडिकल कॉलेज और जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों व स्टाफ के संयुक्त प्रयास को जाता है। हाल ही में इसका एक उदाहरण फिर सामने आया है। डॉक्टर भान प्रताप अहिरवार, डॉ विनय वर्मा, डॉ राजेश धाकड़ की टीम ने सर्पदंश से गंभीर रूप से पीड़ित 19 वर्षीय युवक भागीरथ को चार दिन में ठीक कर नई जिंदगी दे दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राखी के दिन भागीरथ के गले पर एक साँप ने अचानक डंस लिया। चूंकि गले पर सांप के काटने से जहर का असर तेज़ी से फैलने की गुंजाईश होती है। उसे तुरंत अस्पताल लाया गया। भागीरथ की स्थिति नाजुक थी। जहर का असर शरीर में फैल चुका था। जिस कारण बीपी बहुत कम हो गया था और आँखे भी नहीं खुल रही थी। मरीज़ को न्यूरोटोक्सिक सांप ने काटा था। डॉक्टर्स ने पेशन्ट को जल्दी से एन्टिडोट दिया गया और बीपी बढ़ाने की कोशिश की गई। मरीज की सांसे और सेचुरेशन पर भी सतत निगरानी रखी गई। मरीज़ समय से अस्पताल पहुंच गया और सही इलाज और दवा मिल पाई और मरीज़ को 3 दिन में राहत मिलने लगी। डॉक्टर्स सर्पदंश की वजह से गंभीर रोगी को बहुत कम समय में ठीक करने को बड़ी सफलता मान रहे है।डॉक्टर भानप्रताप अहिरवार ने बताया कि ऐसे मरीजो को कई दिनो तक वेंटिलेटर पर रखना पड़ता है। उन्होंने कहा कि रोगी को इलाज देने में कॉलेज के डीन डॉ अरविंद घनघोरिया और सिविल सर्जन डॉ महेंद्र पाटील ने हमारा मार्गदर्शन किया। भागीरथ के परिजनों ने उसके स्वस्थ होने पर प्रसन्नता जाहिर की।