छतरपुर। यातायात पुलिस ने बुधवार को महोबा रोड स्थित ओवरब्रिज के पास चौकिंग अभियान चलाया। जिसमें दो एसआई सहित करीब एक दर्जन यातायात पुलिसकर्मी शामिल रहे। सुबह 10 शुरु हुआ यह अभियान दोपहर 1 बजे तक चला। इस दौरान आधा दर्जन बाइक सहित कुछ छोटे वाहनों पर चालानी कार्रवाई की गई। वहीं, एक ई-रिक्शा वाहन को दस्तावेजों के अभाव में जब्त कर थाने भिजवाया गया। जबकि, एक टाटा मैजिक वाहन चालक के पास सभी दस्तावेज होने के बावजूद करीब 1 घंटे तक रोका गया।
यातायात पुलिस के इस कार्रवाई पर कई तरह के सवाल भी खड़े हुए है। वाहन चालकों ने आरोप लगाया कि टीम के सामने से रेत से भरे ट्रैक्टर, ओवरलोड बसें, ट्रक और जनप्रतिनिधियों के वाहन गुजरते रहे और किसी ने उन्हें नहीं रोका।
शहर के भीतरी इलाकों में दिखी अव्यवस्था
शहर के बाहरी इलाकों में यातायात पुलिस की ओर से वाहन चौकिंग लगाकर वसूली की जा रही थी, इसी दौरान जब शहर के भीतरी इलाकों का भ्रमण किया गया तो अव्यवस्थित यातायात देखने को मिला। शहर के चौक बाजार पर कोई यातायात पुलिसकर्मी नहीं था, जबकि यहां जाम की स्थिति बनी हुई थी। लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इसी तरह बस स्टैंड पर महोबा रोड और नौगांव रोड तिराहे पर अव्यवस्थित बसों के कारण जाम की स्थिति बनी हुई थी। इसके अलावा शहर के चौबे तिराह, छत्रसाल चौक, फब्बारा चौक और महल तिराहा पर यातायात थाने का एक-एक पुलिसकर्मी उपस्थित थे।
दस्तावेज होने के बावजूद एक घंटे तक रोका गया वाहन
महोबा रोड के ओवरब्रिज के पास चल रही चौकिंग के दौरान टीम ने एक टाटा मैजिक वाहन को रोका था, जिसके चालक नीरज राय ने बताया कि वह अपने वाहन से गुटखा लेकर छतरपुर से बारीगढ़ जा रहा था। उसके पास वाहन सहित परिवहन सामग्री के संपूर्ण दस्तावेज थे। इसके बावजूद टीम ने उसे एक घंटे तक रोके रखा। चालक नीरज का आरोप लगाया कि यातायात पुलिस कार्रवाई के नाम पर उससे 20 हजार रुपए की मांग कर रही है। उसने यह भी आरोप लगाया कि ट्रैफिक पुलिस की टीम सिर्फ छोटे वाहनों को ही रोक रही थी। जबकि नेताओं के वाहन और कई बड़े वाहन नियमों का उल्लंघन करते हुए निकल रहे थे।
यातायात प्रभारी ने दी सफाई
इस संबंध में जब यातायात प्रभारी बृहस्पति साकेत से सवाल पूछा गया तो उन्होंने बताया कि रेत के वाहनों पर कार्रवाई करना उनके विभाग का काम नहीं है, यह कार्रवाई खनिज विभाग के अंदर है। वहीं, ओवरलोड बसों के लिए उन्होंने कहा कि उनके सामने कोई भी बस ओवरलोड नहीं निकली। साथ ही उन्होंने किसी जनप्रतिनिधि के वाहन को नहीं देखा।