उज्जैन। 66वें अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारंभ देव प्रबोधिनी एकादशी 12 नवंबर को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ करेंगे। इस अवसर पर संस्कृति विभाग द्वारा वर्ष 2022 और 2023 के लिए शास्त्रीय संगीत, शास्त्रीय नृत्य, रूपंकर कलाएं, और रंगकर्म में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय कालिदास अलंकरण उपराष्ट्रपति धनखड़ द्वारा प्रदान किए जाएंगे।
वहीं, कालिदास संस्कृत अकादमी द्वारा श्रेष्ठ कृति लेखन के लिए राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर पर दो विद्वानों को भी सम्मानित किया जाएगा।
कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक डॉ. गोविंद गंधे ने बताया कि कालिदास समारोह के शुभारंभ अवसर पर 12 नवंबर को शासन के संस्कृति विभाग द्वारा दिए जाने वाले राष्ट्रीय कालिदास अलंकरण के साथ ही संस्कृत में श्रेष्ठ कृति लेखन अलंकरण भी उपराष्ट्रपति द्वारा प्रदान किए जाएंगे।
इसके तहत पैनल वर्ष 2021-22 के लिए राष्ट्रीय श्रेष्ठ कृति लेखन पुरस्कार डॉ. मिथिला प्रसाद त्रिपाठी इंदौर को प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार में एक लाख रूपए व प्रशस्ति पत्र, शाल, श्रीपाल भेंट किया जाएगा। इसी तरह ग्वालियर के डॉ. बालकृष्ण शर्मा को प्रादेशिक भोज पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार स्वरूप में 51 हजार रूपए, प्रशस्ति पत्र, शाल,श्रीफल भेंट किया जाएगा।
राष्ट्रीय कालिदास अलंकरण से ये होंगे सम्मानित
अखिल भारतीय कालिदास समारोह के शुभारंभ अवसर पर संस्कृति विभाग द्वारा घोषित दो वर्षों के चार विद्याओं में आठ कलाकारों को अलंकरण प्रदान किए जाएंगे। उपराष्ट्रपति द्वारा कलाकारों को अलंकरण के साथ 5 लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र, शाल, और श्रीफल देकर सम्मानित किया जाएगा।