नीमच। शहर की औषधि मंडी में गुरुवार रात उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब किसानों ने मंडी प्रशासन पर शेड में रखा माल बुलडोजर से बाहर फिंकवाने का आरोप लगाया। घटना के बाद किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिली। शुक्रवार सुबह भी औषधि मंडी में माल की नीलामी का काम बंद रहा।

भोजन करने गए किसान, लौटे तो माल बाहर पड़ा मिला-
ग्राम खेरिया निवासी किसान दिनेश पाटीदार ने बताया कि वे चुकंदर की चिप्स लेकर मंडी पहुंचे थे। उन्होंने शेड में करीब 160 कट्टे रखे थे। माल रखकर वे भोजन करने गए थे। इसी दौरान रात करीब 9 बजे मंडी प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई कर माल शेड से बाहर फिंकवा दिया। किसान ने बताया कि वापस लौटने पर उनका पूरा माल जमीन पर बिखरा पड़ा मिला।

किसानों ने गार्ड और कर्मचारियों पर लगाए आरोप-
किसानों का आरोप है कि मंडी के गार्ड और कर्मचारियों ने माल बाहर फेंका। कुछ किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान गाली-गलौज की गई। किसानों का कहना है कि जो किसान मौके पर मौजूद थे, उन्होंने अपना माल बचा लिया, लेकिन जो भोजन करने गए थे, उनका सामान बाहर फेंक दिया गया।

लाखों के नुकसान का दावा-
अजमेर जिले के केकड़ी से आए किसानों ने बताया कि वे अश्वगंधा बीज और केसर के फूल लेकर पहुंचे थे। उनका दावा है कि इस कार्रवाई से उन्हें करीब 1 से डेढ़ लाख रुपए तक का नुकसान हुआ है।

शिकायत के बाद भी नहीं निकला समाधान-
किसानों ने मंडी प्रशासन और अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन शुक्रवार सुबह तक कोई समाधान नहीं निकल सका। फिलहाल शुक्रवार को भी मंडी में नीलामी बंद रही।

किसानों ने जताई नाराजगी-
पीड़ित किसानों ने कहा कि मंडी प्रशासन उनकी समस्याएं सुनने को तैयार नहीं है और कार्रवाई से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। शेड से सिर्फ किसानों का माल बाहर फेंका गया है, जबकि व्यापारियों का माल यथा स्थिति में शेड में ही रखा है।
