मंदसौर। आमजन की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने जर्जर एवं खतरनाक भवनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में बुधवार को नगर पालिका क्षेत्र में चिन्हित जर्जर भवनों को प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में ध्वस्त किया गया।
कार्रवाई के दौरान एसडीएम शुभम पाटीदार, तहसीलदार नीलेश पटेल, नायब तहसीलदार अभिषेक चौरसिया तथा नगर पालिका के कार्यपालन यंत्री धारवे मौजूद रहे। नगर पालिका, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर खतरनाक और जर्जर भवनों को हटाने की कार्रवाई की।
नोटिस के बावजूद नहीं की गई कार्रवाई-
अधिकारियों ने बताया कि नगर पालिका द्वारा संबंधित भवन स्वामियों को पूर्व में नोटिस जारी कर भवनों की जर्जर स्थिति से अवगत कराया गया था तथा आवश्यक मरम्मत या भवन हटाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद संबंधित पक्षों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर जनहित एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
आगे भी जारी रहेगा अभियान-
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में ऐसे सभी जर्जर एवं जोखिमपूर्ण भवनों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। अभियान का उद्देश्य संभावित दुर्घटनाओं को रोकना तथा नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
नागरिकों से सहयोग की अपील-
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके भवन जर्जर अथवा खतरनाक स्थिति में हैं, तो वे स्वयं आवश्यक मरम्मत कराएं या उन्हें सुरक्षित रूप से हटाने की कार्रवाई करें। प्रशासन का कहना है कि ऐसे भवन कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं, जिससे जन-धन की हानि होने की आशंका बनी रहती है। प्रशासन ने कहा कि नागरिकों के सहयोग से ही सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं दुर्घटनामुक्त शहर का निर्माण संभव है। इसलिए सभी भवन स्वामियों से जनसुरक्षा के इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की गई है।