चित्तौड़गढ़/मंडफिया। मेवाड़ के आराध्य एवं लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंडफिया सोमवार को जलझूलनी एकादशी के पावन अवसर पर भक्ति के रंग में रंग गया। शंखनाद, वैदिक मंत्रोच्चार और सांवरिया सेठ के जयकारों के बीच भगवान सांवरिया सेठ के तीन दिवसीय वार्षिक जलझूलनी एकादशी मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। दोपहर में भगवान के बाल स्वरूप को चांदी के रथ में विराजमान कर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में निकली शोभायात्रा के दौरान पूरा मंडफिया धाम ‘जय कन्हैया लाल की’, ‘जय सांवरिया सेठ की’ और ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गूंजता रहा।
शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा मंदिर परिसर-
जलझूलनी एकादशी के अवसर पर दोपहर में सांवलियाजी वैदिक विद्यालय के आचार्य एवं विद्यार्थियों ने मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद किया। धार्मिक परंपराओं एवं विधि-विधान के साथ भगवान सांवरिया सेठ की शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। शंखनाद और वैदिक मंत्रों की गूंज से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।
बाल स्वरूप के दर्शन को उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब-
पुजारी भगवान सांवरिया सेठ के बाल स्वरूप को मंदिर से बाहर लेकर आए और बेवाण में विराजमान किया। विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती के बाद बेवाण को चांदी के छोटे रथ में विराजमान किया गया। भगवान के रथ में विराजमान होते ही श्रद्धालुओं में उत्साह और उल्लास की लहर दौड़ गई। श्रद्धालुओं ने रंग-गुलाल उड़ाकर भगवान की अगवानी की। ‘जय श्री सांवरिया सेठ’, ‘जय कन्हैया लाल की’ और ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से मंडफिया धाम गुंजायमान हो उठा।
हाथी-घोड़े, ऊंट और झांकियों ने बढ़ाई शोभा-
भव्य शोभायात्रा में बैंड-बाजे, धार्मिक धुनें, हाथी-घोड़े, ऊंट, आकर्षक झांकियां, ध्वज-निशान और भजन मंडलियां आकर्षण का केंद्र रहीं। पारंपरिक वेशभूषा में श्रद्धालु भजनों पर झूमते हुए और सांवरिया सेठ के जयकारे लगाते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए।
चांदी का रथ शोभायात्रा का प्रमुख आकर्षण रहा। निर्धारित पारंपरिक मार्ग से होते हुए शोभायात्रा रात्रि करीब 8 बजे पुनः मंदिर पहुंची। मंदिर पहुंचने पर भगवान सांवरिया सेठ की भव्य अगवानी की गई। मंदिर चौक के आगे आतिशबाजी के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान का स्वागत किया।
फूलों से महका, रोशनी से जगमगाया धाम-
जलझूलनी एकादशी मेले को लेकर मुख्य मंदिर सहित पूरे परिसर को आकर्षक पुष्प सज्जा, चित्र सज्जा और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। भव्य साज-सज्जा से सांवलियाजी धाम का धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्वरूप और निखर उठा है। मंदिर परिसर में दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु सजावट को भी निहारते नजर आए। इस अवसर पर मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव, मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश धाकड़, मंदिर मंडल के सदस्य, अधिकारी-कर्मचारी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।