मंदसौर। मंदिर के बाहर तेज रफ्तार कार की टक्कर से छह महिलाओं और एक 13 वर्षीय बच्ची के घायल होने के बाद सोमवार को सुपरा गांव में हालात तनावपूर्ण हो गए। घायल महिलाओं के बेहतर उपचार और मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण पिपलियामंडी थाने के बाहर जुट गए और नीमच-मंदसौर हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसी बीच स्थानीय जनप्रतिनिधि ने उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा से दूरभाष पर चर्चा की। घायल महिलाओं के इलाज में सहायता और 2 लाख रुपए की आर्थिक मदद के आश्वासन की जानकारी ग्रामीणों को दी गई, जिसके बाद उन्होंने चक्काजाम समाप्त कर दिया।
इलाज और कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर उतरे ग्रामीण-
रविवार रात पिपलियामंडी थाना क्षेत्र के सुपरा गांव में इच्छापूर्ण हनुमान मंदिर के बाहर गणेश आरती के बाद प्रसादी लेकर बाहर निकल रही महिलाओं को टाटा अल्ट्रोज कार ने टक्कर मार दी थी। हादसे में छह महिलाएं और 13 वर्षीय बच्ची घायल हुई थीं। इनमें चार महिलाओं की हालत गंभीर बताई गई थी। घायलों को पहले पिपलियामंडी से मंदसौर जिला अस्पताल लाया गया। गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए उदयपुर ले जाने की बात सामने आई है। परिजनों के अनुसार उदयपुर में उपचार के लिए करीब 11 लाख रुपए की आवश्यकता बताई गई है। आर्थिक परेशानी के चलते ग्रामीणों ने घायल महिलाओं के उपचार के लिए सहायता की मांग उठाई।
आरोपी को मेडिकल के लिए ले जाने पर थाने में जुटे परिजन-
सोमवार को पुलिस आरोपी चालक अर्जुन सिंह को मेडिकल परीक्षण के लिए ले जा रही थी। इसी दौरान उसके परिजनों और समाजजनों को जानकारी मिली कि आरोपी को कोर्ट ले जाया जा रहा है। इसके बाद बड़ी संख्या में परिजन और समाजजन थाने पहुंच गए। पुलिस से बातचीत के दौरान कहासुनी की स्थिति बन गई।
पुलिसकर्मियों पर लगाया बदसलूकी करने का आरोप-
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की। उनका कहना था कि मौके पर महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थीं और पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। ग्रामीणों के अनुसार एक महिला को थाने से बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।
भारी पुलिस बल रहा तैनात-
चक्काजाम की सूचना पर एडिशनल एसपी, मल्हारगढ़ एसडीओपी पिंटू बघेल, पिपलियामंडी थाना प्रभारी सहित मल्हारगढ़ और नारायणगढ़ थाना प्रभारी तथा भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उन्हें समझाने का प्रयास किया।
स्थानीय जनप्रतिनिधि ने की डिप्टी सीएम देवड़ा से दूरभाष पर चर्चा-
इसी दौरान घायल महिलाओं के उपचार और आर्थिक सहायता को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि ने उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा से दूरभाष पर चर्चा की। चर्चा के बाद इलाज में सहायता और 2 लाख रुपए की आर्थिक मदद के आश्वासन की जानकारी ग्रामीणों को दी गई। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने करीब दो घंटे से जारी चक्काजाम समाप्त कर दिया। इसके बाद हाईवे पर यातायात बहाल हुआ और वाहनों की कतारें धीरे-धीरे सामान्य हुईं।
सात लोग हुए थे घायल-
हादसे में सन्ना बाई ओंठ, भगवन्ता बाई ओंठ, रुक्मणी बाई ओंठ, लाली बाई ओंठ, गीता बाई मेघवाल, श्यामा बाई ओंठ और 13 वर्षीय दुर्गा घायल हुई थीं। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई गई है। पिपलियामंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह इनवे के अनुसार कार में चालक अर्जुन सिंह पिता कमल सिंह अकेला सवार था, जिसे हिरासत में लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।