भोपाल। नवरात्रि में होने वाले गरबा आयोजनों को लेकर महाराष्ट्र से शुरू हुआ विवाद अब मध्यप्रदेश पहुंच गया है। महाराष्ट्र के भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने मांग उठाई है कि बिना तिलक और बिना पूजन के मुस्लिम या गैर हिंदू समुदाय के लोगों को गरबा आयोजनों में प्रवेश नहीं दिया जाए। उनकी पहल के बाद एमपी में भी इसी तरह की मांग तेज हो गई है। मामले को लेकर साधू सन्यासियों और हिंदूवादी संगठनों ने बैठक की है।
आने वालों का पंचद्रव्य से अभिषेक
हिंदूवादी संगठनों का साफ तौर पर कहना है कि जो व्यक्ति मूर्ति पूजा को नहीं मानते उन्हें गरबा आयोजन में नहीं आना चाहिए। यदि गरबा आयोजन में मुस्लिम या गैर हिंदू आते हैं तो उन्हें तिलक लगाना अनिवार्य किया जाएगा। इसके अलावा दुर्गा पूजन के साथ-साथ पंचद्रव्य से अभिषेक भी होगा। साधु संत सन्यासियों ने निर्णय लिया है कि गरबा पंडाल में विजिलेंस की टीम के समान ही औचक निरीक्षण किया जाएगा, यदि किसी भी प्रकार की कोई अश्लीलता के साथ विधर्मियों की आमद दिखाई दी तो पुलिस प्रशासन को बुलाकर मौके पर ही कार्यवाही की जाएगी।
जगदंबा से आशीर्वाद लेकर राक्षसों का अंत भी करेगा
मामले पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि हिंदू धर्म से इतना ही लगाव और प्यार हो गया है तो जिस तरह रहीम के मन में रसखान के मन में कान्हा बस गए थे वैसे ही रामकृष्ण, महावीर गौतमबुद्ध को अपने मन में बसाओ। सनातन धर्म को स्वीकार करो। डीएनए तुम्हारा वही तो है। गरबा को तमाशा बनाओगे, गरबा में आकर लव जिहाद की नौटंकी करोगे, तो ध्यान रखना भारत का नौजवान प्रतिकार के लिए तैयार है, अपने मां-बाप की सेवा भी करेगा, अपनी बहनों की सुरक्षा भी करेगा और जगदंबा से आशीर्वाद लेकर राक्षसों का अंत भी करेगा।
जहां विवाद की स्थिति बने वहां नहीं जाना चाहिए
मामले पर कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अब्बास हाफिज ने कहा कि सबको अपने-अपने आयोजन में ही भाग लेना चाहिए। जहां विवाद की स्थिति बने वहां नहीं जाना चाहिए। लेकिन बीजेपी और हिंदूवादी संगठनों समिति आरएसएस सिर्फ धर्म के नाम सियासत करती है। घटिया मानसिकता का उदाहरण है रामेश्वर शर्मा का बयान। बैठक में महंत अनिलानंद महाराज, अध्यक्ष, साधु संत सन्यासी परिषद, चंद्रशेखर तिवारी, अध्यक्ष, हिंदू उत्सव समिति उपस्थित थे।