चित्तौड़गढ़। जिला स्पेशल टीम (चोरी निरोधक टीम) और कोतवाली निंबाहेड़ा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड अध्यापिका के घर में घुसकर मारपीट और लूट की वारदात का खुलासा किया है। पुलिस ने गैंग के दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार अन्य आरोपियों को नामजद किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लूट का माल भी बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 7 अप्रैल 2026 की रात शास्त्री कॉलोनी निवासी रिटायर्ड अध्यापिका ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि रात करीब 2 से 3 बजे के बीच 5-6 बदमाश खिड़की तोड़कर घर में घुसे और उनके पहने हुए सोने के जेवरात, मंगलसूत्र, कानों के टॉप्स, नाक का कांटा, सुनने की मशीन, एंड्रॉयड मोबाइल और नकदी लूट ली। बदमाशों ने करीब 20 मिनट तक उनके साथ मारपीट की और अन्य पैसे व जेवरात के बारे में पूछते रहे। मारपीट में उनकी आंख में गंभीर चोट आई, जिसके चलते उन्हें दो बार ऑपरेशन कराना पड़ा।
घटना के बाद थाना कोतवाली निंबाहेड़ा और डीएसटी की संयुक्त टीम गठित कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई इसी तरह की वारदातों की जानकारी जुटाने के साथ निंबाहेड़ा कस्बे के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पूर्व में चालानशुदा अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी गई और संदिग्धों से पूछताछ की गई।
तकनीकी साक्ष्यों और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर पुलिस गैंग तक पहुंची और नारायण कालबेलिया (30), निवासी आम्बा, थाना बड़लियास, भीलवाड़ा और हेमराज कालबेलिया, निवासी मोजमगरी, थाना हमीरगढ़, भीलवाड़ा को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक नारायण कालबेलिया के खिलाफ जयपुर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ में चोरी, महिलाओं के जेवर लूटने सहित 6 मामले दर्ज हैं। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस को पूछताछ के दौरान अन्य वारदातों के खुलासे की भी संभावना है।
कार्रवाई में कोतवाली निंबाहेड़ा पुलिस के साथ जिला स्पेशल टीम की टीम शामिल रही। पुलिस अब फरार और नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच करते हुए आगे की कार्रवाई में जुटी है।