गरोठ/मंदसौर। भानपुरा थाना क्षेत्र के भेसोदा स्थित मालीपुरा निवासी बरकतउल्ला पठान ने पुलिस प्रशासन पर राजनीतिक द्वेष और पुरानी रंजिश के चलते झूठे मामले में फंसाने की साजिश का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने मंदसौर एसपी, डीजीपी, आईजी और मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग को शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
रात में घर पहुंचने का लगाया आरोप-
बरकतउल्ला पठान का आरोप है कि 19 सितंबर की रात करीब 12रू10 बजे गरोठ एसडीओपी और भानपुरा पुलिस की टीम बिना सर्च वारंट के उनके घर पहुंची और उन्हें जबरन साथ ले जाने का प्रयास किया। परिवार के सदस्यों ने इसका विरोध करते हुए पुलिस से सवाल किए, जिसके बाद पुलिस टीम वहां से लौट गई। बरकतउल्ला का कहना है कि घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है।
खेत पर कर्मचारी को धमकाने का आरोप-
बरकतउल्ला ने शिकायत में आरोप लगाया कि इसी दिन शाम करीब 4 बजे पुलिसकर्मी तीन वाहनों से उनके खेत पर पहुंचे थे। वहां मौजूद उनके नौकर को डराने-धमकाने का आरोप भी उन्होंने लगाया है। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में उनके या उनके नौकर के पास मादक पदार्थ अथवा अवैध हथियार रखकर झूठा मामला दर्ज किया जा सकता है। उन्होंने पुलिस से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
एसडीओपी ने आरोपों को बताया निराधार-
मामले में गरोठ एसडीओपी विजय कुमार यादव ने बरकतउल्ला पठान के आरोपों को खारिज किया है। एसडीओपी के अनुसार बरकत पठान भानपुरा थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
एसडीओपी यादव ने बताया कि पुलिस टीम संभावित अपराध की रोकथाम के लिए रूटीन चेकिंग के तहत उसके ठिकाने पर गई थी। उन्होंने पुलिस द्वारा किसी भी तरह के दुर्व्यवहार या गलत कार्रवाई के आरोप से इनकार किया है।