मंदसौर। जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर दिव्यांक सिंह ने सोमवार को समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में कहा कि खाद्य पदार्थों के नमूने लेने में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाए। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि जिन संस्थानों में मिलावट या अनियमितता पाई जाती है, वहां नियमानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी अधिकारी के पास अन्य जिले का अतिरिक्त प्रभार है, तो संबंधित जिलों में उपस्थिति के लिए रोस्टर तैयार कर प्रस्तुत किया जाए।
जल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा-
बैठक में आंगनबाड़ियों में पेयजल व्यवस्था की जानकारी ली गई। जल निगम एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित और संधारित योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जल निगम द्वारा 719 गांवों में कार्य किया जा रहा है, जिनमें 109 गांवों में कार्य पूर्ण हो चुका है। इन गांवों में स्थानीय जल स्रोतों, जैसे ट्यूबवेल और डगवेल के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की कार्ययोजना की समीक्षा-
कलेक्टर ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को लेकर जिले में तैयार की गई कार्ययोजना की भी समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि कृमि मुक्ति अभियान के लक्ष्य समूह में 1 से 19 वर्ष आयु के बच्चे एवं किशोर तथा 20 से 49 वर्ष आयु की महिलाएं शामिल हैं।
बैठक में अपर कलेक्टर एकता जायसवाल, जिला पंचायत सीईओ अनुकूल जैन, संयुक्त कलेक्टर प्रीति संघवी, एसडीएम शुभम पाटीदार सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।