जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर के एक भाजपा पार्षद को कलेक्टर ने फरमान जारी किया है। एक महीने के अंदर ससुर का मकान-दुकान खाली करने का निर्देश दिया है। बीजेपी पार्षद पर ससुर ने मकान-दुकान पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। मानसिक और व्यवहारिक प्रताड़ना का भी आरोप है।
जबलपुर के भाजपा पार्षद रेनू कोरी को फरमान जारी हुआ है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने एक माह में ससुर का मकान और दुकान खाली करने को कहा है। दरअसल, रूपलाल कोरी ने अपनी बहू (बीजेपी पार्षद) रेनू कोरी पर मकान-दुकान पर कब्जा करने का आरोप लगाया था। बेटे राकेश कोरी की मौत के बाद कब्जे का आरोप लगाया था।
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जांच में पाया कि बीजेपी पार्षद के पास आय के अन्य साधन है। रेनू कोरी के रहने के लिए अन्य मकान होने पर घर खाली करने का आदेश दिया है। आपको बता दें कि 87 साल के रूपलाल कोरी ने कलेक्टर से इस मामले की शिकायत की थी। यह भी बता दे कि आवेदक का मकान गोहलपुर थाना अंतर्गत त्रिमूर्ति नगर में स्थित है। जांच के बाद कलेक्टर ने बीजेपी पार्षद को फरमान जारी किया है।