नीमच। पुराने फिल्मी गीतों की मधुर धुनों और सुरीली आवाजों ने शनिवार रात पंडित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार (टाउन हॉल) को संगीतमय बना दिया। स्थानीय संस्था मुसाफिर म्यूजिकल ग्रुप द्वारा आयोजित संगीत संध्या ‘सुरों का कारवां’ में कलाकारों ने 25 से अधिक सदाबहार फिल्मी गीतों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम देर रात तक चला और हर प्रस्तुति पर श्रोताओं ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
4 अगस्त 2022 को स्थापित संगीत एवं कला को समर्पित संस्था मुसाफिर म्यूजिकल ग्रुप पिछले पांच वर्षों से नीमच में संगीत प्रेमियों के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है। ग्रुप एडमिन एडवोकेट खजान सिंह पंवार ने बताया कि इसी कड़ी में 31 अक्टूबर को रात्रि 8 बजे ‘सुरों का कारवां’ संगीत संध्या आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी भारत जाजू, ज्ञानोदय विश्वविद्यालय के अनिल चौरसिया, शिवजी महेश्वरी, गिरधारी लाल गोयल, बृजेश सक्सेना, डॉ. स्वप्निल वधवा, समाजसेवी जम्मू कुमार जैन, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राकेश ‘पप्पू’ जैन, डॉ. नवीन चौहान, किशोर जवेरिया, आशा सांभर, संगीता जरौली, ग्रामीण बैंक प्रबंधक संगीता शर्मा, पिंकी मूंदड़ा, रमेश जायसवाल, अखिल भारतीय जायसवाल सर्ववर्गीय महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी अर्जुन जायसवाल तथा अभिषेक कोठारी सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। नीमच की विभिन्न संगीत संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
हर गीत के साथ जुड़ी जानकारी ने बढ़ाया आकर्षण-
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि प्रत्येक गीत की प्रस्तुति से पहले उसके गीतकार, संगीतकार, गायक, फिल्म का नाम और उससे जुड़ी ऐतिहासिक जानकारी मेगा स्क्रीन पर प्रदर्शित की गई। इससे श्रोताओं को गीतों का आनंद लेने के साथ उनके रचनाकारों और फिल्मी सफर से जुड़ी जानकारी भी मिली। मुसाफिर ग्रुप के गैर-पेशेवर कलाकारों ने अपनी गायन प्रतिभा से दर्शकों का दिल जीत लिया।
कलाकारों ने सदाबहार गीतों से बांधा समां
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके बाद राजेश सेन ने ‘आजा रे ओ मेरे दिलबर आजा’ (नूरी), योगेश गहलोत ने ‘क्या हुआ तेरा वादा’, प्रभुलाल आर्य एवं मास्टर हार्दिक आर्य ने ‘दो कदम तुम भी चलो, दो कदम हम भी चलें’, विजय कुमार चौहान ने ‘देखा है तेरी आंखों में प्यार’, सुनीता यादव ने ‘दिल-विल प्यार-व्यार मैं क्या जानूं रे’ और राजेंद्र रोकड़े ने ‘आज की रात मेरे दिल की सलामी ले ले’ गीत प्रस्तुत किया।
ग्रुप एडमिन खजान सिंह पंवार एवं प्रभा ने ‘जब दिल न लगे दिलदार, हमारी गली आ जाना’, भरत घांवरी ने ‘मेरे महबूब तुझे सलाम’, कु. याचना पवार ने ‘मेरे ख्वाबों में जो आए’ तथा डॉ. दीपक ओझा एवं सुनीता यादव ने ‘मैं न भूलूंगा, मैं न भूलूंगी’ गीत की प्रस्तुति दी।
इसी क्रम में राजेंद्र शर्मा ने ‘आने से उसके आए बहार’, योगेश गहलोत एवं प्रभा ने ‘तेरा साथ है कितना प्यारा’, राजेश सेन ने ‘तोबा ये मतवाली चाल’, राजेंद्र रोकड़े एवं प्रभा ने ‘सौ साल पहले मुझे तुमसे प्यार था’, खजान सिंह पंवार ने ‘सारा जमाना हसीनों का दीवाना’, भरत घांवरी ने ‘मैं हूं प्रेम रोगी’, प्रभुलाल आर्य एवं सुनीता यादव ने ‘हम तो तेरे आशिक हैं’ तथा डॉ. दीपक ओझा ने ‘अब के बरस तुझे धरती की रानी’ गीत सुनाकर समां बांध दिया।
खजान सिंह पंवार एवं भरत घांवरी ने ‘यम्मा यम्मा’ और विजय चौहान ने ‘ड्रीम गर्ल’ गीत की प्रस्तुति दी। अंत में ग्रुप के सभी कलाकारों ने सामूहिक रूप से ‘चलते-चलते मेरे ये गीत याद रखना’ गीत प्रस्तुत किया। श्रोताओं ने सभी प्रस्तुतियों की खूब सराहना की।
उभरती प्रतिभाओं को मंच देना संस्था का उद्देश्य-
ग्रुप एडमिन एडवोकेट खजान सिंह पंवार ने बताया कि संस्था पिछले पांच वर्षों से फिल्म जगत के महान गायकों की जन्मतिथि एवं पुण्यतिथि पर नियमित रूप से कार्यक्रम आयोजित करती आ रही है। संस्था का उद्देश्य गैर-पेशेवर कलाकारों के साथ-साथ नई और उभरती प्रतिभाओं को भी मंच प्रदान करना है।
इस संगीत संध्या में नीमच, चित्तौड़गढ़, मंदसौर सहित मेवाड़ और मालवांचल के बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी एवं नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मंजुला धीर ने किया तथा आभार विजय चौहान ने व्यक्त किया।