मनासा। पति पर प्रताड़ित करने, धोखाधड़ी कर कृषि भूमि अपने नाम दर्ज करवाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाते हुए ग्राम खजुरी जोरावर सिंह की एक दिव्यांग महिला न्याय की गुहार लगा रही है। पीड़िता मुन्नीबाई पति बंशीलाल चमार ने मनासा में पत्रकारों से रूबरू होकर अपनी आपबीती बताई। महिला ने कहा कि पति के कथित रूप से किसी अन्य महिला से संबंध हैं और वह उसे तथा उसके तीन बच्चों को बेसहारा छोड़कर घर से चला गया है। प्रशासन से न्याय नहीं मिलने पर अब उसने भोपाल जाकर मुख्यमंत्री आवास तक अपनी बात पहुंचाने की बात कही है।
धोखे से जमीन के नामांतरण का आरोप-
पीड़िता मुन्नीबाई ने अपने आवेदन में बताया कि वह मूक-बधिर है और बोलने-सुनने में असमर्थ होने के साथ दिव्यांग भी है। ससुर की मृत्यु के बाद परिवार के भरण-पोषण के लिए मिली कृषि भूमि सर्वे नंबर 112/2/2, रकबा 0.48 हेक्टेयर को उसके पति बंशीलाल ने समाज के सामने अपनी गलती स्वीकार करते हुए उसे सम्मानपूर्वक रखने की शर्त पर उसके नाम करवाया था। आरोप है कि बाद में पति ने कुछ लोगों के बहकावे में आकर धोखे से राजस्व रिकॉर्ड में फेरबदल करवाया और जमीन पर अपना नाम दर्ज करवा लिया।
जमीन और मकान बेचने की कोशिश, धमकियां देने का आरोप-
महिला का आरोप है कि अब उसका पति बंशीलाल उसकी सहमति के बिना कृषि भूमि और मकान को अन्य व्यक्तियों को बेचने का प्रयास कर रहा है। विरोध करने पर उसे और उसके तीन बच्चों को जान से मारने तथा किसी गंभीर घटना को अंजाम देने की धमकियां दी जा रही हैं। पीड़िता ने अपने आवेदन में बच्चों के नाम मुकेश, शांतिलाल और गोपाल बताए हैं।
न्याय और सुरक्षा के लिए प्रशासन से गुहार-
पीड़िता के अनुसार, उसने इस मामले में पहले मनासा थाने में भी शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से उसे कलेक्ट्रेट पहुंचकर गुहार लगानी पड़ी। वहां भी सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए महिला ने अब भोपाल जाकर मुख्यमंत्री आवास पर अपनी समस्या रखने की बात कही है।
महिला ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित कृषि भूमि की बिक्री पर रोक लगाई जाए, राजस्व रिकॉर्ड में उसका नाम पुनः दर्ज कर उसे मालिकाना हक दिलाया जाए। साथ ही उसे और उसके बच्चों को जान-माल की सुरक्षा तथा भरण-पोषण की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।