मंदसौर। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मध्यप्रदेश, भोपाल के निर्देशानुसार मंदसौर में 6 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक आयोजित सात दिवसीय आपदा युवा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। प्रशिक्षण के दौरान 125 प्रतिभागियों को आपदा की स्थिति में बचाव एवं राहत कार्यों से जुड़ी विभिन्न तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई। इसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशिक्षित युवाओं को सुरक्षित, प्रभावी और त्वरित बचाव कार्यों के लिए सक्षम बनाना तथा जन-धन की हानि को कम करना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बोट इंजन संचालन, ड्राई रेस्क्यू, हेड टो, चिन टो, एयर रेस्क्यू और पेट्रोलिंग के दौरान किए जाने वाले बचाव कार्यों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि बाढ़ एवं जल आपदा के दौरान बोट इंजन का सुरक्षित उपयोग कैसे किया जाता है और संकट में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए किन तकनीकों को अपनाया जाता है।
इसके साथ ही हेड टो एवं चिन टो तकनीकों के माध्यम से पानी में फंसे व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया समझाई गई। एयर रेस्क्यू एवं ड्राई रेस्क्यू के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पेट्रोलिंग करते समय त्वरित राहत एवं बचाव कार्य करने के तरीकों की भी जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आपदा मित्रों को आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार करना, उनकी कार्यक्षमता बढ़ाना तथा आपदा के समय प्रभावित लोगों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने में सक्षम बनाना था।
इस सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट वीरेंद्र सिंह जादौन, कंपनी कमांडर रब्बी काजी, संदीप भंवर सहित अन्य प्रशिक्षक, कार्यालयीन स्टाफ एवं एसडीईआरएफ बल के सदस्य उपस्थित रहे।