नीमच। नगर की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था ज्ञानोदय विश्वविद्यालय में चार दिवसीय फ्रेशर पार्टी के बाद विद्यार्थियों के लिए डांडिया प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साह, उमंग और जोश के साथ मां जगदंबे के दरबार में गरबा प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए प्रो. पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि आयोजन का शुभारंभ मां जगदंबे की आरती के साथ हुआ। इस अवसर पर संस्था की चांसलर डॉ. माधुरी चौरसिया, ज्ञानोदय इंटरनेशनल स्कूल की डायरेक्टर डॉ. गरिमा चौरसिया, वाइस चांसलर डॉ. डी.एल. अहीर, ग्रुप डायरेक्टर डॉ. प्रशांत शर्मा, रजिस्ट्रार हेमंत प्रजापति सहित विभिन्न विभागों के प्राचार्य, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत माता रानी के भजनों से हुई। पंकज तिवारी के भजन ‘मेरी मां के बराबर कोई नहीं’ और प्रो. पंकज श्रीवास्तव के भजन ‘तूने मुझे बुलाया शेरावालिए’ ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद मैनेजमेंट एवं एजुकेशन विभाग की प्राध्यापिकाओं ने समूह गरबा प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति के अनुरूप पारंपरिक परिधानों में एकल और समूह नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. स्वाति वधवा, श्रीमती विजया वधवा, श्रीमती श्वेता चुंडावत, डॉ. आइरिस रामनानी और सुषमा चौरसिया उपस्थित रहीं। प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका डॉ. श्रद्धा आर्य, रजनी खंडेलवाल और अलीना भंडारी ने निभाई।
समूह नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार जीआईएमटी के ‘द अमेजिंग ग्रुप’ ने प्राप्त किया। द्वितीय पुरस्कार एजुकेशन विभाग के ‘ओजी गरबा रिबेल्स’ और तृतीय पुरस्कार ‘गरबा रास बी.एड.’ समूह को मिला। विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए निर्णायक मंडल ने 11 विशेष टैग भी प्रदान किए, जिनसे चयनित विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
प्रो. अनुप चौधरी ने बताया कि प्राध्यापकों की गरबा प्रस्तुतियों में संदीप सोनगरा को बेस्ट गरबा मेल, सुनीता गोयल को बेस्ट कॉस्ट्यूम, भव्या पांडे को फेस इन द क्राउड, समीक्षा बंसल को बेस्ट हेयर स्टाइल, रवि चौरसिया और केतन खंडेलवाल को बेस्ट डांडिया जोड़ी, दीपा सिंह को बेस्ट स्माइल, अंकिता मैडम को बेस्ट एनर्जेटिक, विशाखा परदेसी को बेस्ट स्टेप तथा डॉ. विनीता डाबर को बेस्ट एक्सप्रेशन का पुरस्कार दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. पंकज श्रीवास्तव और पंकज तिवारी ने किया। अंत में डॉ. विनीता डाबर ने आभार व्यक्त किया। पूरे आयोजन के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी करते हुए भक्ति, संस्कृति और उल्लास का सुंदर संगम प्रस्तुत किया।