नीमच। मालवा की धरती नीमच से जुड़ी फिल्मी प्रतिभा निर्माता-निर्देशक हितेष सोलंकी को फिल्म जगत, कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए ‘राष्ट्रीय समाज रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया। 25 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित हिंदी भवन ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में प्रगतिशील करन समाज सेवा दल, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की ओर से उन्हें सम्मान-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया।
निर्देशक, लेखक, निर्माता और अभिनेता के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले हितेष सोलंकी वर्ष 2006 से फिल्म जगत में सक्रिय हैं। फिल्म निर्माण के विभिन्न पहलुओं में योगदान देने के साथ ही वे फिल्म उद्योग की संगठनात्मक गतिविधियों में भी भागीदारी निभाते रहे हैं। उनके फिल्मी सफर और सामाजिक-सांस्कृतिक क्षेत्र में किए गए कार्यों को देखते हुए यह सम्मान उनके लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
निर्देशन, लेखन और निर्माण में सक्रिय भूमिका-
हितेष सोलंकी ने निर्देशन, लेखन, निर्माण और अभिनय के क्षेत्र में काम किया है। उनकी रचनात्मक परियोजनाओं में हिंदी, राजस्थानी, भोजपुरी और गुजराती फिल्मों के साथ टीवी धारावाहिक भी शामिल हैं। उनकी फिल्मी परियोजनाओं में ‘साइबर पॉइजन’ का नाम भी उल्लेखनीय है। वे सिनेमा के माध्यम से सामाजिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन परिस्थितियों को प्रस्तुत करने में रुचि रखते हैं।
सिनेमा से मिलता है सीखने और प्रेरणा लेने का अवसर-
हितेष सोलंकी के अनुसार, सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज की वास्तविकताओं, विचारों और भावनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने का सशक्त जरिया भी है। उनका मानना है कि दर्शक यदि सही दृष्टिकोण के साथ फिल्म देखें, तो उन्हें मनोरंजन के साथ बहुत कुछ सीखने और प्रेरणा लेने का अवसर मिल सकता है। फिल्म निर्माण में रचनात्मक सोच के साथ अनुशासन, टीमवर्क और कलाकारों के योगदान को भी वे महत्वपूर्ण मानते हैं।
फिल्म उद्योग में संगठनात्मक गतिविधियों से भी जुड़ाव-
हितेष सोलंकी कलाकारों, निर्देशकों, निर्माताओं और फिल्म उद्योग से जुड़े अन्य लोगों के बीच संवाद एवं सहयोग को बढ़ावा देने वाली संगठनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय हैं। वे राजस्थानी फिल्म एसोसिएशन, मुंबई के प्रदेश अध्यक्ष, अखिल भारतीय संगीत कलाकार संघ के राष्ट्रीय महासचिव तथा इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन, मुंबई के सदस्य हैं। इसके अलावा वे भाजपा के सांस्कृतिक एवं कला प्रकोष्ठ में नीमच जिला संयोजक के रूप में भी जुड़े हुए हैं।
क्षेत्रीय कहानियों, स्थानीय परिवेश और सामाजिक विषयों को सिनेमा में स्थान देना क्षेत्रीय फिल्म उद्योग के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। छोटे शहरों से जुड़े फिल्मकारों के लिए स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर देना और उनकी कहानियों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाना एक महत्वपूर्ण चुनौती के साथ-साथ बड़ी संभावना भी है। हितेष सोलंकी का फिल्मी अनुभव और संगठनात्मक जुड़ाव इसी दिशा में उनके कार्यक्षेत्र को विस्तार देता है।