मोरवन। सरस्वती शिशु मंदिर मोरवन में विजयादशमी के अवसर पर शनिवार दोपहर सामाजिक बुराइयों के प्रतीकात्मक दहन का अनोखा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष विद्यालय में पारंपरिक रावण के स्थान पर नशा, पॉलिथीन प्रदूषण और आतंकवादी गतिविधियों जैसी बुराइयों के प्रतीकात्मक पुतले बनाकर उनका दहन किया गया। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और देशभक्ति का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्राचार्य मनीष पटवा ने भैया-बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि विजयादशमी केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर और समाज में फैली बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेने का अवसर भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने, पर्यावरण की रक्षा करने और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता बनाए रखने की अपील की।
वरिष्ठ दीदी उषा नागदा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने तीन संकल्प लिए। पहले संकल्प के तहत जीवन में किसी भी प्रकार का नशा नहीं करने, दूसरे संकल्प में पॉलिथीन का कम से कम उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने तथा तीसरे संकल्प में आतंकवादी गतिविधियों से देश को मुक्त रखने के लिए एकता, जागरूकता और देशभक्ति की भावना बनाए रखने का प्रण लिया।
विद्यालय में रावण के प्रतीकात्मक पुतलों का निर्माण नेपाल सिंह हाड़ा के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय का समस्त आचार्य परिवार उपस्थित रहा। सभी ने इस रचनात्मक पहल की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने की दिशा में सार्थक प्रयास बताया।