नीमच। महामाई के जयकारों से मालवा का प्रसिद्ध आरोग्य धाम मां भादवामाता मंदिर गूंज उठा। शारदीय नवरात्रि की अष्टमी और नवमी के पावन अवसर पर मंदिर में देश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन करने पहुंचे। भक्तों ने मां के चरणों में शीश नवाकर सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और आस्था का विशेष माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच दर्शन व्यवस्था को लेकर भी लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। वॉइस ऑफ एमपी की टीम ने मंदिर परिसर पहुंचकर श्रद्धालुओं से बातचीत की और उनकी आस्था, मनोकामनाओं तथा व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।
श्रद्धालुओं ने बताया- आराम से हो रहे मां के दर्शन
मंदिर पहुंचे कई श्रद्धालुओं ने बताया कि दर्शन के लिए अच्छी व्यवस्था है और उन्हें किसी विशेष परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। कुछ भक्तों ने कहा कि पिछले दिन की तुलना में उस समय भीड़ कम थी, जिससे दर्शन आसानी से हो रहे थे। श्रद्धालुओं ने मां भादवामाता के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि वे यहां मनोकामना लेकर आते हैं और मां से परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करते हैं।
एक श्रद्धालु ने मां भादवामाता की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि मंदिर परिसर में स्थित कुंड को लेकर भक्तों की गहरी आस्था है। उन्होंने लकवे से पीड़ित लोगों के यहां आने और कुंड के जल से लाभ मिलने की मान्यता का उल्लेख किया। यह श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और स्थानीय मान्यता का हिस्सा है।
मां की कृपा से नानी की आंखों की रोशनी लौटने का किया दावा
एक अन्य श्रद्धालु ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह अपनी नानी को पांच रविवार मां भादवामाता के दर्शन के लिए लेकर आए थे। उनके अनुसार, नानी की आंखों की रोशनी कमजोर हो गई थी और डॉक्टरों ने उम्र के कारण दृष्टि और कमजोर होने की बात कही थी। श्रद्धालु ने मां की कृपा से उनकी आंखों की रोशनी में सुधार होने की बात कही और इसके बाद मंदिर में चांदी की आंखें अर्पित करने का उल्लेख किया।
प्रशासन और सेवाभावियों की व्यवस्थाओं की सराहना
राजस्थान के प्रतापगढ़ से आए शैलेंद्र ने बताया कि श्रद्धालुओं की अच्छी भीड़ होने के बावजूद दर्शन व्यवस्था सुचारु रही। उन्होंने कहा कि वह जन अभियान परिषद से जुड़े लोगों के साथ पिछले दो-तीन दिनों से जनसेवा में लगे हैं। उनके अनुसार, दिन और रात के लिए अलग-अलग टोलियां बनाकर सेवा और व्यवस्थाओं में सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और शांतिपूर्ण माहौल पर भी संतोष जताया।
दस मिनट में हुए दर्शन, श्रद्धालुओं ने जताई खुशी
नीमच के पास बरूखेड़ा गांव से आए दशरथ मालवीय ने बताया कि उन्हें लगभग दस मिनट में मां के दर्शन हो गए। उन्होंने कहा कि दुर्गाष्टमी के अवसर पर मंदिर में अच्छी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, लेकिन व्यवस्थाओं के कारण दर्शन सहजता से हो रहे थे। मां भादवामाता के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने प्रसन्नता जताई और जय माता दी के जयकारे लगाए।
आस्था और सेवा का संगम बना भादवामाता धाम
शारदीय नवरात्रि के दौरान मां भादवामाता मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था, सेवाभाव और धार्मिक उत्साह का संगम देखने को मिला। भक्तों ने मां के दर्शन कर अपने परिवार और क्षेत्र की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं ने बेहतर व्यवस्थाओं के लिए संबंधित सेवाभावियों और प्रशासन की सराहना की।