नीमच/जावी। शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर जावी स्थित श्री गुर्जरखेड़ा धाम में परंपरानुसार छमाही भविष्यवाणी की गई। पंडाजी घनश्याम लौहार के माध्यम से हुई इस धार्मिक भविष्यवाणी में आगामी छह माह के दौरान मौसम, खेती, व्यापार, फसलों के भाव और राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर कई अनुमान व्यक्त किए गए। इसमें दो बार पाला पड़ने, दो बार ओलावृष्टि और तीन मावठे होने की बात कही गई। वहीं गेहूं, चना, लहसुन, प्याज और अजवाइन की अच्छी पैदावार के संकेत दिए गए।
महानवमी पर सुबह से मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं का शृंगार, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अर्चन, हवन, कन्या पूजन और महाआरती हुई। इसके बाद धार्मिक परंपरा के अनुसार पंडाजी घनश्याम लौहार के माध्यम से श्री गुर्जरखेड़ा सरकार की छमाही भविष्यवाणी सुनाई गई।
मौसम में बार-बार बदलाव, दो बार ओलावृष्टि का अनुमान
भविष्यवाणी के अनुसार आगामी छह माह में मौसम लगातार बदलता रहेगा। कभी ठंड, कभी गर्मी तो कभी तेज हवा का असर रहेगा। दीपावली के आसपास बारिश और मकर संक्रांति से पहले व बाद में ओलावृष्टि होने की बात कही गई। दूसरी ओलावृष्टि से फसलों को आंशिक नुकसान होने का अनुमान जताया गया।
जल की कमी के चलते कुछ क्षेत्रों में फसलों का उत्पादन 75 प्रतिशत और अधिक जल संकट वाले क्षेत्रों में 50 प्रतिशत तक रहने की बात कही गई। हालांकि गेहूं, चना, लहसुन, प्याज और अजवाइन की पैदावार अच्छी रहने का दावा किया गया।
लहसुन 27 हजार, सोयाबीन 8500 तक पहुंचने की भविष्यवाणी
छमाही भविष्यवाणी में कृषि उपज के भाव को लेकर भी अनुमान व्यक्त किए गए। इनमें लहसुन के भाव 16 से 20 हजार और तेजी की स्थिति में 27 हजार रुपये तक पहुंचने की बात कही गई। वहीं सोयाबीन 6500 से 8500, रायड़ा 8500 से 10500, गेहूं 3000 से 3500, चना 6500 से 8500, प्याज 4500 से 6500 और अजवाइन 13000 से 16000 रुपये तक रहने का अनुमान जताया गया।
इसके अलावा सोना-चांदी में 20 से 30 हजार रुपये तक तेजी आने तथा खाद्यान्न और पशु चारे की कमी की आशंका भी व्यक्त की गई।
राजनीति में खींचतान और उथल-पुथल के संकेत
भविष्यवाणी में आगामी छह माह के दौरान राजनीति में भारी खींचतान, विद्रोह और धार्मिक मुद्दों को लेकर विवाद की आशंका जताई गई। साथ ही चोरी और लूट की घटनाओं को लेकर सतर्क रहने की बात कही गई।
अंत में श्रद्धालुओं को गौसेवा, माता-पिता की सेवा, ग्राम देवताओं की पूजा और आपसी सहयोग का संदेश दिया गया। आयोजन की जानकारी श्री गुर्जरखेड़ा धाम के संरक्षक एवं प्रवक्ता दिलीप पाटीदार जावी ने दी।