KHABAR : जन्मस्थली नीमच में गौरव के साथ मना सीआरपीएफ का 88वां स्थापना दिवस, शहीदों को श्रद्धांजलि, 8,888 पौधों का रोपण, स्वास्थ्य शिविर और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रमों ने बढ़ाई आयोजन की गरिमा, पढ़े खबर
नीमच। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने अपनी जन्मस्थली नीमच में सोमवार को 88वां स्थापना दिवस पूरे उत्साह, गरिमा और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाया। वर्ष 1939 में तत्कालीन क्राउन रिप्रेजेंटेटिव्स पुलिस के रूप में नीमच से प्रारंभ हुई सीआरपीएफ आज देश की आंतरिक सुरक्षा के सबसे सशक्त और विश्वसनीय सुरक्षा बलों में अग्रणी है। स्थापना दिवस समारोह महानिरीक्षक नीतू डी. भट्टाचार्य के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें बल की गौरवशाली परंपरा और राष्ट्रसेवा के संकल्प की प्रभावशाली झलक देखने को मिली। कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद पार्क में अमर बलिदानियों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुआ। इस अवसर पर अधिकारियों, जवानों एवं उनके परिजनों ने वीर शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके अद्वितीय बलिदान को नमन किया। स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में पर्यावरण संरक्षण अभियान के तहत ग्रुप केंद्र एवं आसपास के क्षेत्रों में 8,888 विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। वहीं पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, सीआरपीएफ, नीमच की 88 छात्राओं ने विविध गतिविधियों में भाग लेकर महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया। समारोह के दौरान संयुक्त अस्पताल, सीआरपीएफ द्वारा निःशुल्क चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें जवानों एवं उनके परिजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आवश्यक परामर्श प्रदान किया। गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार आयोजित विशेष अभियान के अंतर्गत चित्रकला, लघु वीडियो एवं क्विज़ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों और आमजन ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से सीआरपीएफ की गौरवगाथा को जीवंत किया। प्रतियोगिताओं में चयनित उत्कृष्ट प्रस्तुतियों को MyGov पोर्टल पर भी अपलोड किया गया, जिससे सीआरपीएफ की समृद्ध विरासत को व्यापक पहचान मिली। समारोह में ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) अनुपम शर्मा (उप महानिरीक्षक, सीटीसी), प्रमोद कुमार सिंह (उप महानिरीक्षक, आरटीसी) सहित ग्रुप केंद्र, रेंज कार्यालय, संयुक्त अस्पताल, प्रथम बटालियन एवं चतुर्थ सिग्नल बटालियन के अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी, जवान एवं उनके परिवारजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। दिनभर चले कार्यक्रमों का समापन पारंपरिक 'बड़ा खाना' के आयोजन के साथ हुआ। अनुशासन, सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि नीमच केवल सीआरपीएफ की जन्मस्थली ही नहीं, बल्कि उसके गौरव, परंपरा और अदम्य राष्ट्रसेवा का प्रेरणास्रोत भी है।