मनासा। प्रदेश कांग्रेस आईटीसेल प्रदेश सचिव दिनेश राठौर पर भाजपा मंडल महामंत्री द्वारा एट्रोसिटी एक्ट मे पुलिस मे एफआईआर करवाई थी। कांग्रेस नेता ने मामले मे हाईकोर्ट मे जमानत याचिका लगाई। जहां से राठौर को हाईकोर्ट ने जमानत दी। राठौर को जमानत मिलने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने कहा कि यह असत्य पर सत्य की जीत है। वही कांग्रेस नेता राठौर ने कहा कि सत्ता पक्ष के दबाव मे भले ही झुठा केस दर्ज करवाया। लेकिन हाईकोर्ट से जमानत मिलने से सच्चाई सामने आ गई। राठौर ने जमानत मिलने के बाद कहा कि 24 जून 2021 को मेरे साथ भाजपा मंडल महामंत्री महावीर वीरवाल और भाजपा एंव विधायक के कुछ लोगो ने अपहरण कर मारपीट कर जान से मारने का प्रयास किया था। उसके बाद पुलिस सत्ता पक्ष और विधायक के दबाव मे कार्यवाही नही कर रही थी। जिसको लेकर पुरे प्रदेश मे कांग्रेस ने हंगामा किया था। यहां तक की पुर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पुर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव सहित पुर्व मंत्री जीतू पटवारी ने हस्तक्षेप किया। उसके बाद मनासा पुलिस ने पांच लोगो के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। राठौर ने बताया कि भाजपा नेताओ पर केस दर्ज होने के बाद पुलिस मे भाजपा नेताओ ने मेरे खिलाफ झुठी कहानी रचकर महामंत्री वीरवाल से झुठी और तथ्यहिन रिपोर्ट अजाक्स थाने मे कराकर एट्रोसिटी एक्ट मे केस दर्ज करवाया। हाईकोर्ट द्वारा मामले को राजनीति से जुडा होने को देखते हुए मुझे जमानत दी गई। गौरतलब हो कि इससे पहले पांचो भाजपा नेता की जमानत याचिका खारिज होने के कारण उन्हे जेल भेजा था। राठौर ने कहा कि यह जीत असत्य पर सत्य की है। भाजपा विधायक और सत्ताधारी नेता सत्ता के नशे मे मदहोश होकर कांग्रेस कार्यकर्ताओ पर झुठे मुकद्दमे बनवाकर उन्हे डराने का काम कर रही है। लेकिन कांग्रेस का कार्यकर्ता डरने वाला नही है।