भोपाल। श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इंद्र-इंद्राणियों द्वारा भक्ति नृत्य प्रस्तुत करते हुए भगवान सिद्ध की आराधना की गई और 1024 अर्घ अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। पूरे आयोजन में भक्तिभाव और आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल बना रहा।
विधान के प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया कि यह अनुष्ठान कई विशेषताओं से युक्त है। आयोजनकर्ता ऋषभ मंजू जैन के परिवार के अधिकांश सदस्य संयमित जीवन शैली का पालन करते हैं और कई सदस्य प्रतिमाधारी हैं, जो इस आयोजन को और अधिक आध्यात्मिक महत्व प्रदान करता है। आचार्य विद्यासमय सागर महाराज के शिष्य मुनि संभव सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में चौक धर्मशाला में यह आयोजन संपन्न हो रहा है।
सुबह भगवान जिनेंद्र के अभिषेक के साथ अनुष्ठान की शुरुआत होती है और दिनभर विभिन्न धार्मिक क्रियाएं संपन्न की जाती हैं। अविनाश भैया के निर्देशन में विधान की प्रमुख विधियां संपन्न हुईं। इस अवसर पर पुण्यार्जक परिवार श्रीमती पांचू बाई, सुहागमल जैन एवं ऋषभ मंजू जैन ने विधान मंडल पर प्रमुख क्रिया करते हुए श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की।