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June 6, 2026, 1:31 pm
KHABAR : स्कूल शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, बंद होगी यूनिफॉर्म की नकद राशि, सीधे बांटी जाएगी गणवेश, कांग्रेस ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, पढे़ खबर 

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भोपाल। मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब छात्रों के खातों में ड्रेस की राशि भेजने के बजाय सीधे सिली हुई यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाएगी जिसे प्रदेश की गारमेंट्स इंडस्ट्री तैयार करेगी,हालांकि इस फैसले को लेकर बच्चों और अभिभावकों की राय अलग-अलग है। वहीं कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता स्वदेश शर्मा ने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों के खातों में यूनिफॉर्म की राशि भेजने की व्यवस्था बंद कर गणवेश वितरण के नाम पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का नया रास्ता खोला गया है।


प्रदेश की गारमेंट्स इंडस्ट्री तैयार करेगी
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों को अब यूनिफॉर्म के लिए राशि नहीं मिलेगी। मध्य प्रदेश में स्कूल यूनिफॉर्म को लेकर बड़ा नियम बदल गया हैअब कक्षा 1 से 8वीं तक के छात्रों के बैंक खातों में 600 रुपए नहीं भेजे जाएंगे। इसकी जगह बच्चों को सीधे रेडीमेड यूनिफॉर्म दी जाएगी, जिसे प्रदेश की गारमेंट्स इंडस्ट्री तैयार करेगी।


बता दें कि मध्यप्रदेश में 2024-25 से कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के खातों में यूनिफॉर्म के लिए 600 रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जा रही थी। इससे पहले गणवेश स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सिलवाकर वितरित की जाती थी।


यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने का निर्णय
हालांकि कई विद्यार्थियों का मानना है कि ड्रेस की जगह राशि मिलना अधिक सुविधाजनक था। छात्राओं का कहना है कि तैयार यूनिफॉर्म में साइज की समस्या हो सकती है, जबकि नकद राशि मिलने पर वे अपनी पसंद और सही नाप की ड्रेस खरीद सकती थी। कुछ छात्राओं ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर परिवार की ओर से अतिरिक्त राशि जोड़कर अच्छी यूनिफॉर्म खरीदी जा सकती थी। अभिभावकों का कहना है कि पहले यूनिफॉर्म की राशि विद्यार्थियों के खातों में जाती थी, लेकिन कई बार यह अन्य जरूरतों में खर्च हो जाती थी, जिससे कुछ बच्चे नई ड्रेस नहीं बनवा पाते थे. इसे देखते हुए सरकार ने व्यवस्था बदलकर सीधी यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

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