नीमच। विधायक दिलीप सिंह परिहार के कार्यालय से जारी किए गए एक प्रेस नोट में बताया गया कि बीते दिनों 4 सितम्बर को नीमच में मुख्यमंत्री के प्रवास पर हवाई अड्डे पर स्थित पायलट ट्रेनिंग सेन्टर पर विधायक ने उनसे कहा कि आपने मुझ पर बहुत कृपा की है। नीमच को बहुत कुछ दिया है। अब एक छोटा सा काम और रह गया है। नीमच की बंगला बगीचा समस्या, जो कांग्रेस की देन थी, उसे आपने हल कर दिया। अब नीमच के लोगों के बंगला-बगीचा की ऐसी सम्पत्तियां व्यवस्थापन के जरिए नामांतरित भी हो रही हैं और उनकी खरीद-फरोख्त भी होने लगी है। जबकि पहले न तो नामांतरण होते थे और न रजिस्ट्रियां होती थी।
मुख्यमंत्री ने विधायक से कहा अब क्या बाकी रह गया है? तपाक से विधायक बोले, एक तो प्रीमियम राशि पर विचार हो जाए, पैनल्टी खत्म हो जाए, वसीयत के दस्तावेज और हिब्बानामा को भी मंजूरी मिल जाए, लिंक से भी छुटकारा मिल जाए तो लोगों को एक बडी राहत आपसे मिल जाएगी। लिंक के बारे में विधायक ने कहा जब नामांतरण पर सार्वजनिक आपत्ति मांगी जाती है तब फिर लिंक दस्तावेजों की मांग किया जाना उचित नहीं है। विधायक ने मुख्यमंत्री को जब यह सब कुछ बताया तब वहां जिला कलेक्टर दिनेश जैन भी मौजूद थे। सीएम साहब ने उनकी ओर मुखातिब होकर उनसे कहा कि आठ-दस दिन में आप विधायक जी जो भी संशोधन बंगला-बगीचा मामले में चाह रहे हैं, उस पर एक प्रतिवेदन बनाकर मुझ तक पहुंचाईये।
मुख्यमंत्री के कलेक्टर साहब को दिए गए इस निर्देश के बाद विधायक ने प्रसन्नता जताते हुए कहा है, मुझे विश्वास है मामा धिवराज का भरोसा नीमच के लोगों को फिर मिलेगा और बंगला-बगीचे की बची-खुची परेशानियां भी दूर होती नजर आएंगी।