गुना। जिले के गढ़ा गांव में पिछले दो माह से लगातार पेय जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों द्वारा आज अचानक लामबंद होकर फतेहगढ़ रोड पर आकर चक्काजाम करते हुए व्यवस्था के खिलाफ आक्रोश जताया है।
इस दौरान सड़क पर आवागमन रुक जाने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग गईं, जिनमें फंसकर अनेक लोगों को परेशानियों का भी सामना करना पड़ा है।
लंबे समय तक चलते रहे चक्का जाम का समापन ग्रामीणों द्वारा मौके पर पहुंचे अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों की समझाइश के बाद किया गया।
मिली जानकारी के अनुसार पिछले दो महीने से विशेषकर पीने तक के पानी के लिये संकट से जूझते आ रहे ग्रामीणों का धैर्य आज अचानक टूट गया।
इस दौरान लामबंद हुए ग्रामीण महिला एवं पुरुषों और बच्चों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर गांव से निकली फतेहगढ़ रोड पर पहुंच कर अचानक चक्का जाम कर दिया।
इस दौरान ग्रामीण महिलाएं और पुरुष हाथों में खाली बर्तन लेकर सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करते हुए व्यवस्था के ख़िलाफ़ निशाने साधने लगे।
महिलाएं बोलीं- 4 महीने से पीने के पानी की समस्या
इस दौरान इन महिलाओं ने यह कहते हुए आक्रोश जताया कि वे पिछले 4 महीनों से पीने के पानी के लिए परेशान हो रही हैं। वे मजदूरी पर जायें, अपना काम धंधा करें या फिर पानी के लिए यहां वहां भटकते रहें।
इस दौरान एक ग्रामीण ने बताया कि गांव में पानी की समस्या पिछले दो माह से लगातार बढ़ती ही जा रही है। गांव में हेडपंप तो हैं लेकिन वे सभी बंद पड़े हैं। गांव की नल जल योजना से भी पानी की सप्लाई नहीं मिल पा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि हालात यह है महिलाओं का दिन का आधा समय तो पीने के लिए पानी तलाशने और भरने में ही निकल जाता है, जिसकी वजह से उनकी परेशानियां बढ़ी हुई है। यही नहीं पानी की तंगी के कारण गांव के कई बच्चे रोजाना स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं।
इस दौरान ग्रामीणों ने चक्काजाम के सवाल पर कहा कि हमें पीने के लिए पानी तक नहीं मिल पा रहा है तो आखिर हम क्या करें।
चक्काजाम के कारण फतेहगढ़ रोड पर से आवागमन बंद हो जाने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिनमें फंस कर अनेक लोगों को जबरिया परेशान होना पड़ा।
जानकारी मिलने के बाद पहले पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाइश देते हुए सड़क पर से हटाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
इसी के बाद सरपंच सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और गांव के हेड पंप जल्द ठीक कराने के साथ ही पेयजल के लिए समुचित व्यवस्था करने का आश्वासन दिया।
तब कहीं जाकर ग्रामीण माने और सड़क पर से उठे।इसी के बाद यह चक्का जाम खत्म हो पाया,तब सभी लोगों ने राहत की सांस ली।