नीमच। मंडी समिति ने मंडी अधिनियम का उल्लंघन करने व कृषकों के साथ धोखाधड़ी करने वाले व्यापारी व हम्मालों की अनुज्ञप्ति को निलंबित कर दिया है। किसानों के साथ हुई इस धोखाधड़ी के संबंध में वॉईस ऑफ एमपी ने प्रमुखता से समाचार का प्रकाशन किया था। वॉईस ऑफ एमपी में समाचार लगने के बाद ही मंडी समिति ने ये कार्रवाई की है।
मंडी कार्यालय से प्राप्त जानकार के अनुसार अनुज्ञप्तिधारी फर्म राज इंटरप्राइजेस पूर्व की फर्म चॉदमल मुकेश कुमार के प्रोपराइटर द्वारा विक्रेता किसान रामेश्वर पिता भवनीशंकर कन्हैयालाल पिता लालचंद एवं विशाल पिता देवीलाल की उपज का भुगतान नियमानुसार केता व्यापारी के स्थान पर स्वयं के द्वारा के 2 प्रतिशत अवैध कमीशन कटोत्रा कर एवं मंडी समिति द्वारा निर्धारित हम्माली राशि से 16/- रू. प्रति दाग (नग) से अधिक कटोत्रा किया जाकर भुगतान किया जाने से मंडी अधिनियम की धारा 32 (5), अनुज्ञप्ति की शर्त (क) (ग) का उल्लंघन किया जाना पाया गया तथा हम्माल सलीम राधे पिता रफीक, मोहसीन पिता इस्माईल एवं आशिक पिता मुबारिक के साथ मिल कर उक्त किसानों को भ्रमित छल कर 18800/- रू. अवैध रूप से वसूल कर मंडी अधिनियम 1972 की धारा 31 एवं अनुज्ञप्ति की शर्त (क) (ख) का उल्लंघन किया जाना पाया गया। प्रकरण मंडी समिति के समक्ष रखा जाने पर फर्म प्रतिनिधि द्वारा प्रस्तुत उत्तर समाधानकारक नहीं होने से तथा हम्मालों के द्वारा प्रतिउत्तर प्रस्तुत नहीं कर किसानों के साथ किये गये छल को स्वीकार किया जाना पाया गया। मंडी समिति के हस्तक्षेप के पश्चात उपरोक्त राशि कृषक को वापिस कराई गयी। तद्रुपरांत मंडी समिति, नीमच के द्वारा कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 की धारा 33 (ख) (ड) (च) व 33 (2) के अधीन फर्म राज इंटरप्राइजेस एवं उक्त हम्मालों की अनुज्ञप्ति दिनांक 02.05. 2024 से निलंबित की गई।
उपरोक्त कार्यवाही में मंडी बोर्ड भोपाल के प्रबंध संचालक, ऑचलिक कार्यालय उज्जैन के संयुक्त संचालक, जिला कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) / भारसाधक अधिकारी मंडी समिति, नीमच का नियमन व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराने में सराहनीय योगदान रहा एवं मंडी समिति द्वारा किये जा रहे प्रयास प्रशंसनीय है।