रतलाम। जीतू पटवारी के काफिले के सामने कांग्रेस के दो कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया. दोनों कार्यकर्ता पीसीसी चीफ की कार के आगे लेट गए और प्रदर्शन किया. इस दौरान उनकी पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई. बाद में जीतू पटवारी ने उन्हें अपनी कार में बैठाया और समस्या का निवारण करने का आश्वासन दिया।
मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर के समापन के बाद उस समय बड़ा सियासी बवाल खड़ा हो गया, जब पार्टी की अंदरूनी कलह और कार्यकर्ताओं का गुस्सा सरेराह देखने को मिला. अनदेखी से नाराज कांग्रेस को दो पूर्व पदाधिकारियों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के काफिले के सामने बीच सड़क पर दरी बिछाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस दौरान मौके पर जमकर हंगामा कर हुआ, पुलिस से धक्का-मुक्की हुई और अंत में खुद जीतू पटवारी को हस्तक्षेप करना पड़ा
इस दौरान पुलिस और प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच बहस और जमकर धक्का-मुक्की भी हुई. माहौल बिगड़ता देख प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने तुरंत अपना वाहन रुकवाया. गाड़ी रुकते ही वे पहले तो कार्यकर्ताओं के इस तरह बीच सड़क पर गाड़े के आगे बैठने और विरोध करने के तरीके पर नाराज हुए. फिर उन्होंने कार्यकर्ताओं को फटकार लगाई. इसके बाद पास पहुंचकर दोनों को शांत कराया और गले से लगाया. इसके बाद नाराजगी दूर करने का भरोसा देते हुए दोनों कार्यकर्ताओं को कार में बैठाया और वहां से रवाना हो गए. बाद में रतलाम पहुंचकर उन्हें वाहन से उतार दिया गया.
विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जिला कांग्रेस कार्यकारिणी में ऐसे लोगों को जिम्मेदारियां दी गई हैं जो पहले से ही बड़े पदों पर हैं, जबकि लंबे समय से दरी बिछाकर संगठन के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है. उनका कहना है कि प्रशिक्षण शिविर में भी उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला, जिसके चलते उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के सामने विरोध दर्ज कराया.