भोपाल। गुरुवार को भोपाल के चौक जैन धर्मशाला में पर्युषण पर्व के पांचवे दिन की शुरुआत सत्य धर्म की साधना के साथ हुई। इस अवसर पर आर्यिका दृढ़ मति माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि सत्य धर्म का दिन है और सत्य ही जीवन का आधार, श्रृंगार और आभूषण है। सच्चाई से भरी सोच और इरादे ही सत्य धर्म को प्रकट करते हैं। झूठ बोलने वाला व्यक्ति सम्मान प्राप्त नहीं कर सकता।
माताजी ने अंजन चोर का उदाहरण देते हुए बताया कि सत्य स्वीकार करने से भी सम्मान प्राप्त किया जा सकता है।ट्रस्ट के मंत्री मनोज आर एम ने जानकारी दी कि कल सुगंध दशमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा और सभी मंदिरों में विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज जैन ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा प्रतिदिन चार स्थानों पर शुद्ध भोजन शालाएं संचालित की जा रही हैं।
जैन धर्म के शाश्वत पर्व पर प्रतिदिन धर्म के दस लक्षणों में से एक लक्षण की पूजा की जाती है और आज सत्य धर्म की पूजा की गई। इसके अलावा श्रावक श्रेष्ठि परिवार ने प्रत्येक अध्याय के बाद श्री फल समर्पित किए।