भोपाल। मध्य प्रदेश में नाइट शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मोहन सरकार आगामी विधानसभा सत्र में ‘एमपी कोड ऑन एम्पॉवरिंग वर्क स्पेसेस, 2026’ विधेयक पेश करने की तैयारी में है।
प्रस्तावित विधेयक के तहत रात में काम करने वाले कर्मचारियों को सामान्य वेतन से अधिक भुगतान का प्रावधान किया जाएगा। इसके अनुसार नाइट शिफ्ट के 1 घंटे को दिन के 1.5 घंटे के बराबर माना जाएगा और इसी आधार पर कर्मचारियों के वेतन और कार्य समय की गणना की जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक यह प्रावधान जापान समेत अन्य देशों के नाइट-वर्क मॉडल का अध्ययन करने के बाद तैयार किया गया है। नाइट शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों की जीवनशैली और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए उन्हें अतिरिक्त भुगतान देने का प्रावधान किया जा रहा है।
इस नए कोड के तहत व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को तय नियमों और शर्तों के साथ 24 घंटे संचालन की अनुमति देने की तैयारी है। इससे बाजार, ऑफिस और अन्य कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि शराब जैसी दुकानों पर सरकार का नियंत्रण जारी रहेगा।
विधेयक में महिलाओं को भी नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति देने का प्रावधान रखा गया है। इसके लिए कंपनियों को सुरक्षा, परिवहन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
सरकार का मानना है कि नए नियम लागू होने से प्रदेश में 24 घंटे बाजार और कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।