रतलाम। काफी सालों बाद महाशतावधान का अद्भुत आयोजन होने जा रहा है। मुनि श्री चंद्रप्रभ चंद्र सागरजी मसा. की स्मरण और अध्यात्म शक्ति के चमत्कार को देखने के लिए शहर समेत भारतवर्ष से हजारों लोग रतलाम में एकजुट होंगे। कार्यक्रम 20 अक्टूबर को शहर के चंपा विहार में होगा।
कार्यक्रम को लेकर सोमवार को श्री देवसूर तपागच्छ चारथुई जैन श्री संघ, गुजराती उपाश्रय की ओर से प्रेस कान्फ्रेंस रखा गया। आचार्य देव श्रीनयन चंद्र सागर सुरीश्वर मसा. की मौजूदगी में सहस्त्रावधानी मुनि श्री अजीत चंद्र सागर मसा. ने आयोजन को लेकर जानकारी दी।
मुनिश्री ने बताया कि वर्तमान का न्यूरोसाइंस कहता है कि साधारण मनुष्य एक साथ 5 या 10 चीज याद रख सकता है। उससे ज्यादा याद रखने जाता है, तो वह भूल जाता है या फिर वह क्रमशः याद नहीं रख पाता है। 16 वर्ष की अल्प आयु में संयम जीवन अंगीकार करने वाले मुनि श्रीचंद्रप्रभ चंद्र सागर महाराज साहब मात्र 24 वर्ष की आयु में 20 अक्टूबर को हजारों लोगों की उपस्थिति में अपनी अध्यात्म और स्मरण शक्ति का अद्भुत प्रयोग दिखाएंगे। मुनि श्री 2 हजार लोगों के समक्ष एक साथ पूछे गए 200 सवाल केवल एक ही बार सुनकर याद रख लेंगे और फिर उसके उत्तर भी देंगे।
मुनिश्री ने बताया कि भारतवर्ष के प्राचीन काल में जैन एवं वैदिक परंपरा में ऐसा सुनने को मिलता है कि विद्यार्थीगण गुरु मुख से आगम या वेद ग्रंथ एक ही बार सुनकर याद रख लेते थे। मगर आज के समय में ऐसी याददाश्त असंभव हो गई है। कलयुग में भी ऐसी ही ऋषियुग की परंपरा का दर्शन करने का मौका 20 अक्टूबर को आयोजित महाशतावधान में मिलेगा।
50 हजार विद्यार्थी ले चुके लाभ
मुनिश्री ने कहा कि आचार्य श्री नयनचंद्र सागर सुरीश्वरजी महाराज साहब की निश्रा में आयोजित होने वाला यह प्रसंग समस्त मानव सभ्यता के लिए एक नई आशा की किरण बनेगा। आचार्यश्री के 10 से अधिक शिष्य शतावधानी, महाशतावधानी, अर्धसहस्त्रावधानी, सहस्त्रावधानी है। आचार्य श्री सरस्वती साधना सिखाते है। आज तक 50 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने लाभ लिया है।
200 सवाल पूछे जाएंगे
मुनि श्री ने बताया कि आयोजन में मौजूद हजारों लोगों में से अलग-अलग विषय पर 200 सवाल पूछे जाएंगे। मुनिश्री चंद्रप्रभ चंद्रसागर महाराज साहब एक ही बार सुनकर याद रख लेंगे। फिर क्रमशः सभी के उत्तर देंगे। एक ही समय में हुई कई क्रियाओं को भी मुनिश्री याद रखकर उन्हें बताएंगे।
क्या महाशतावधान
महाशतावधान एक साथ सुनी हुई या देखी हुई 200 चीजों को याद रखने की अद्भुत विधा है।