बैतूल। आठनेर ब्लॉक के गांव देहगुड़ में एक किसान को तालाब बनाने की अनुमति लेने के लिए रिश्वत देनी पड़ी। किसान पंचम बारपेटे ने जनसुनवाई में बताया कि गांव के सहायक सचिव, सरपंच और पंच ने उनसे पैसे मांगे। किसान ने रिश्वत लेने के आरोप पंचायत कर्मियों पर लगाए हैं।
भैंस बेचकर दिए पैसे
पंचम ने बताया कि जून 2025 में तालाब की अनुमति के बदले उसने 10 हजार रुपए पंचायत कर्मियों की दिए। रिश्वत देने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे, इसलिए उसने अपनी भैंस 30 हजार रुपये में बेची थी। जिसमें से 10 हजार रुपए रिश्वत में दे दिए। इसके बाद पंचायत के लोगों ने 15 हजार रुपये और मांगे और धमकी दी कि पैसे नहीं दिए तो तालाब का काम बंद कर दिया जाएगा।
नियमों के उल्लंघन का भी आरोप
किसान ने आरोप लगाया कि मनरेगा के तहत तालाब निर्माण में गांव के मजदूरों को काम और मजदूरी नहीं दी गई। पंचायत ने अपने पसंद के मजदूर लगाए और फर्जी बिल बनाकर पैसे निकाल लिए। पंचम ने खुद नरेश झाड़े का ट्रैक्टर लगाकर पत्थर डलवाए, लेकिन उसका बिल भी किसी और के नाम कर दिया गया।
जनसुनवाई में की शिकायत
किसान ने सहायक सचिव राजेश झाड़े, पंच परसराम बारस्कर और सरपंच राधिका बारस्कर के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि इन लोगों ने फर्जी बिल बनाए, मजदूरी में गड़बड़ी की और रिश्वत ली।