नीमच। जिले में अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत चार अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहन मालिकों पर कुल 1 लाख 3 हजार 39 रुपये की शास्ति अधिरोपित की है। यह कार्रवाई जिला खनिज अधिकारी द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदनों के आधार पर की गई।
जिला खनिज अधिकारी के अनुसार 8 अगस्त 2026 को तहसील नीमच के बघाना क्षेत्र में जांच के दौरान महिंद्रा 475 ट्रैक्टर क्रमांक MP44ZB0825 से रेत का अवैध परिवहन करते हुए पाया गया। प्रकरण में वाहन मालिक शैलेन्द्र कुमार पिता रामगुलाम चौरसिया निवासी 24 जवाहर नगर विस्तार, नीमच पर रॉयल्टी की 15 गुना राशि 5 हजार 625 रुपये एवं 25 हजार रुपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति सहित कुल 30 हजार 625 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई।
इसी प्रकार 7 अगस्त 2026 को तहसील नीमच के ग्राम चेनपुरा में जांच के दौरान ट्रैक्टर क्रमांक MP44AA1952 से खंडा पत्थर का अवैध परिवहन पाया गया। वाहन मालिक संपतबाई पति कैलाश बावरी निवासी ग्राम सुवाखेड़ा, तहसील जावद पर रॉयल्टी की 15 गुना राशि 2 हजार 700 रुपये एवं 10 हजार 714 रुपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति सहित कुल 13 हजार 414 रुपये की शास्ति लगाई गई।
वहीं 7 अगस्त 2026 को तहसील जावद के ग्राम सुवाखेड़ा में ट्रैक्टर क्रमांक MP44ZB5215 से गिट्टी का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर वाहन मालिक दीपक कुमार पिता कन्हैयालाल सेन निवासी बड़ा मंदिर, नयागांव तहसील जावद पर रॉयल्टी की 15 गुना राशि 3 हजार 600 रुपये एवं 25 हजार रुपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति सहित कुल 28 हजार 600 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई।
एक अन्य कार्रवाई में 4 अगस्त 2026 को तहसील जावद के ग्राम जावद में ट्रैक्टर क्रमांक MP44AA6019 से खंडा पत्थर का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर वाहन मालिक जगदीश कुमार पिता उदयराम प्रजापत निवासी ग्राम सुवाखेड़ा, तहसील जावद पर रॉयल्टी की 15 गुना राशि 5 हजार 400 रुपये एवं 25 हजार रुपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति सहित कुल 30 हजार 400 रुपये की शास्ति लगाई गई।
निर्धारित समय में जमा करनी होगी राशि
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने निर्देश दिए हैं कि अधिरोपित शास्ति राशि निर्धारित अवधि में शासकीय कोष में जमा कराई जाए। राशि जमा होने के बाद नियमानुसार जब्त वाहनों को मुक्त किया जाएगा। निर्धारित समय सीमा में राशि जमा नहीं करने पर संबंधितों के विरुद्ध भू-राजस्व की भांति वसूली की कार्रवाई की जाएगी।