नीमच। जिले के अफीम किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नीमच के प्रथम खंड द्वारा संचालित अफीम तौल केंद्र पर अब झरड़े लगाने की प्रक्रिया बंद कर दी गई है। इसके स्थान पर अफीम की गुणवत्ता जांच केवल तीन मापदंडों के आधार पर ही की जाएगी। इस निर्णय से किसानों में संतोष और राहत का माहौल है।

जानकारी के अनुसार अब तक तौल केंद्र पर अफीम की जांच के दौरान 8 से 9 झरड़े (ग्रेड) लगाए जा रहे थे, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका बनी रहती थी। इसको लेकर किसानों ने नाराजगी जताते हुए मांग की थी कि जांच प्रक्रिया को सरल किया जाए और अधिकतम तीन श्रेणियों तक ही सीमित रखा जाए।

इस मुद्दे को वॉईस ऑफ एमपी ने स्थानीय स्तर पर प्रमुखता से उठाया। मुद्दा उठाए जाने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लिया और निर्णय में बदलाव किया गया।

जिला अफीम अधिकारी एलआर दिनकर ने बताया कि अब तौल केंद्र पर झरड़ा प्रणाली समाप्त कर दी गई है। अफीम की जांच अब केवल तीन श्रेणियों- अच्छी अफीम, पानी वाली अफीम और घटिया अफीम के आधार पर की जाएगी।

इस फैसले के बाद किसानों में संतोष देखा जा रहा है। नई व्यवस्था से उन्हें अनावश्यक कटौती और संभावित नुकसान से राहत मिलेगी, जिससे उनकी आय पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
