खरगोन। जिले की कसरावद ग्राम पंचायत झिरन्या के फूल सिंह फाल्या में चार साल से बंद पड़ी नल-जल योजना को आखिरकार पंचायत ने फिर से शुरू कर दिया है। योजना शुरू होते ही फाल्या के 35 मकानों में पानी की सप्लाई बहाल हो गई है, जिससे करीब 500 लोगों ने राहत की सांस ली है।
ग्रामीणों की सालों की प्यास बुझी,
दरअसल, टंकी बनने के बावजूद पिछले चार वर्षों से ग्रामीणों को नलों से पानी नसीब नहीं हो रहा था। मजबूरी में लोग गंदा पानी पीने को विवश थे। पत्रकार अबरार पठान द्वारा आदिवासियों की समस्या को प्रमुखता से उठाने के बाद प्रशासन हरकत में आया। जनपद सीईओ रिना किराड़े एवं एसडीएम अनिल जैन के निर्देश नल-जल योजना को व्यवस्थित करने का काम शुरू किया गया।
पंचायत की पहल से बदली तस्वीर
कसरावद जनपद की विभागीय टीम ने पाइपलाइन लीकेज, मोटर और टंकी की मरम्मत कर योजना को चालू कर दिया। सुबह जैसे ही घरों के नलों में पानी पहुंचा, ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। महिलाओं ने बताया कि अब पानी के लिए घंटों इंतजार और दूर-दूर तक भटकना नहीं पड़ेगा।
ग्रामीणों ने जताया आभार
ग्रामीणों ने पंचायत और प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ आखिरकार उन्हें मिल ही गया। फाल्या के बुजुर्गों का कहना है कि गर्मी में सबसे ज्यादा दिक्कत होती थी, लेकिन अब स्थायी समाधान मिलने से बड़ी राहत मिली है।
अधिकारियों का बयान
जनपद सीईओ रिना किराड़े ने कहा, फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर टैंकर भेजे गए थे। अब नल-जल योजना को पूरी तरह व्यवस्थित कर दिया गया है। फूल सिंह फाल्या में नियमित जलापूर्ति जारी रहेगी। आगे भी निगरानी रखी जाएगी ताकि दोबारा समस्या न हो।
फिलहाल फूल सिंह फाल्या में नलों से बहता पानी ग्रामीणों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं है।