मुरैना। जिले में अवैध रेत खनन और परिवहन पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में लोकेश कुमार जांगिड़ और धर्मराज मीणा ने रविवार को चंबल नदी के प्रमुख घाटों राजघाट, रिठोरा घाट और कुल्हाड़ा घाट का संयुक्त निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने घाटों पर तैनात पुलिस बल, सुरक्षा चौकियों और निगरानी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में अवैध रेत परिवहन नहीं होने दिया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों की सूचना मिलते ही तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
वहीं पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने पुलिस बल को लगातार गश्त और सतर्क निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन और परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर और एसपी ने राजघाट स्थित एसएएफ कैंप से रेलवे पुल तक पैदल भ्रमण कर पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और तैनात बल की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्रवाई को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों से भी संवाद किया और अवैध खनन रोकने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि क्षेत्र में कहीं भी अवैध खनन की गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन और पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन का कहना है कि चंबल क्षेत्र में अवैध खनन और रेत परिवहन पर नियंत्रण उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए लगातार संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन की यह सख्ती अवैध खनन पर कितना प्रभावी असर डाल पाती है।