झाबुआ। रतलाम-झाबुआ मार्ग पर एमपीआरडी की ओर से कराए जा रहे सड़क निर्माण में लापरवाही के कारण स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
खवासा और करवड़ बस स्टैंड के पास काम की बेहद धीमी रफ्तार और बार-बार की जा रही खुदाई से रास्ते बंद हो गए हैं। इस परियोजना में नियोजन की कमी के चलते सरकारी धन की बर्बादी के आरोप भी लग रहे हैं।
करवड़ बस स्टैंड पर सड़क को खोदकर पिछले 15 दिनों से काम बंद पड़ा हुआ है। ठेकेदार द्वारा आगे की सुध न लेने के कारण आसपास के घरों का रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया है।
स्थानीय निवासी विनोद शर्मा ने बताया कि हाल ही में हुई बारिश के बाद इस खुदे हुए हिस्से में पानी भरने से कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह बंद होने की वजह से इस मार्ग पर रोजाना लंबा जाम लग रहा है।
पाइपलाइन सुरक्षा के लिए खवासा में तोड़ी नई सीसी रोड
योजना की कमी के कारण खवासा में हाल ही में बनी नई चमचमाती सीसी रोड को दोबारा तोड़ा जा रहा है। निर्माण के समय जिम्मेदार अधिकारी जमीन के नीचे मौजूद इंडियन ऑयल की पाइपलाइन की सुरक्षा का ध्यान रखना भूल गए थे।
अब सड़क बनने के बाद पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते बामनिया रोड पर सांदीपनि स्कूल के पास सड़क को 12 फीट तक दोबारा खोदा गया है, ताकि पाइपलाइन पर सुरक्षा कवर (केसिंग) डाला जा सके।
स्थानीय जनता का आरोप है कि बिना किसी उचित सर्वे और दूरदर्शिता के यह निर्माण कार्य शुरू कराया गया। लोग सवाल उठा रहे हैं कि सड़क बनाने की अनुमति देने से पहले समय रहते इस तकनीकी खामी पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया।
एमपीआरडीसी ने खुदाई को जरूरी बताया
इस मामले में एमपीआरडीसी के एजीएम राम गोपाल हटिला ने बताया कि सुरक्षा कारणों और पाइपलाइन को बचाने के लिए यह खुदाई बेहद आवश्यक है।