नीमच। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रही। अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलनरत कर्मचारियों ने शासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो 8 जून को प्रदेशभर के संविदाकर्मी भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे।
जिला चिकित्सालय परिसर स्थित ट्रॉमा सेंटर के समीप धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि आंदोलन के चार दिन बीत जाने के बावजूद न तो कोई जनप्रतिनिधि और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी उनकी समस्याएं सुनने पहुंचा है। कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी मांगों पर विचार करने के बजाय उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वे अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे।
आंदोलन के चौथे दिन कर्मचारियों ने सोशल मीडिया अभियान चलाकर अपनी मांगों को प्रदेश स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया। इससे पूर्व पहले दिन कर्मचारियों ने अप्रेजल संबंधी आदेशों की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया था। दूसरे दिन आमजन के लिए प्याऊ लगाकर पेयजल वितरण किया गया, जबकि तीसरे दिन सुंदरकांड पाठ कर शासन-प्रशासन को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की गई।
हड़ताल का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखाई देने लगा है। टीबी नियंत्रण कार्यक्रम, टीकाकरण, आरबीएसके, दवा वितरण सहित कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। जिले के एनएचएम अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन में शामिल हैं।
संविदाकर्मियों की प्रमुख मांगों में मुख्यमंत्री द्वारा की गई नियमितीकरण की घोषणा को लागू करना, एनपीएस एवं स्वास्थ्य बीमा का लाभ प्रदान करना, वार्षिक वेतनवृद्धि, महंगाई भत्ता, वेतन विसंगतियों का निराकरण, नियमित कर्मचारियों के समान अवकाश सुविधा तथा समान कार्य के लिए समान वेतन एवं सुविधाएं शामिल हैं।
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अनिल कुमार डुगरवाल एवं जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार शर्मा ने कहा कि एनएचएम में कार्यरत हजारों संविदा कर्मचारी वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं, लेकिन उनकी जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।