शाजापुर। सरकारी कर्मचारियों को मनचाही जगह ट्रांसफर कराने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक आरोपी को अवंतीपुर बड़ोदिया थाना क्षेत्र की पोलायकलां पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश का उपसंचालक बताकर एक सरकारी कर्मचारी से ट्रांसफर कराने के नाम पर करीब एक लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की थी। पुलिस जांच में आरोपी के खिलाफ शुजालपुर मंडी थाने में भी अपराध दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
पोलायकलां चौकी प्रभारी दीपक धुर्वे के अनुसार आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 278/25 में धारा 318(4) एवं 319(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय और एसडीओपी शुजालपुर निमेष देशमुख के निर्देशन में साइबर अपराध एवं ऑनलाइन फ्रॉड में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस टीम गठित की गई।
अधिकारी बनकर किया था संपर्क
पुलिस के अनुसार आरोपी ने सरकारी कर्मचारी से संपर्क कर स्वयं को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश का उपसंचालक बताया। उसने कर्मचारी को मनचाही जगह ट्रांसफर कराने का भरोसा दिलाया। बातचीत के दौरान आरोपी ने ट्रांसफर से संबंधित काम कराने के नाम पर अलग-अलग माध्यमों से ऑनलाइन रुपए जमा करवाए। करीब एक लाख रुपये लेने के बाद कर्मचारी को ठगी का एहसास हुआ, जिसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की।
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस
शिकायत मिलने के बाद पोलायकलां पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने ऑनलाइन लेन-देन, मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस टीम आरोपी की तलाश में अनूपपुर जिले के कोतमा क्षेत्र पहुंची।
पुलिस टीम ने 8 सितंबर 2026 को कोतमा, जिला अनूपपुर से आरोपी महेंद्र पिता शेषमणि तिवारी (38 वर्ष), निवासी उतरन, थाना कोतमा, जिला अनूपपुर को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय शुजालपुर में पेश किया गया, जहां से प्रकरण में आगे की कार्रवाई की गई।
शुजालपुर मंडी थाने में भी दर्ज है अपराध
पुलिस के मुताबिक पूछताछ और जांच के दौरान आरोपी की अन्य मामलों में संलिप्तता से संबंधित जानकारी भी सामने आई है। आरोपी के खिलाफ शुजालपुर मंडी थाने में भी अपराध दर्ज है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने इसी तरह कितने अन्य सरकारी कर्मचारियों को अपने जाल में फंसाया और कितनी राशि की ठगी की।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खाते और अन्य ऑनलाइन माध्यम कौन-कौन से थे तथा इस नेटवर्क में आरोपी के साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं। मामले में आगे की जांच जारी है।