चित्तौड़गढ़। सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में कक्षा छठी में नवप्रवेशित कैडेट्स के स्वागत एवं उनकी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से भव्य प्रतिभा खोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कैडेट्स ने गीत, संगीत, नृत्य और हास्य-कविता की प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का आयोजन स्कूल के शंकर मेनन सभागार में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्कूल के प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया एवं विशिष्ट अतिथि स्कूल कैंपस की प्रथम महिला मोनिका जसरोटिया रहीं। अतिथियों का स्कूल की उप प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल ईशा ठकराल एवं सीनियर मास्टर ओंकार सिंह ने स्वागत किया।
स्कूल के जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने बताया कि कार्यक्रम में अशोक-प्रथम, अशोक-द्वितीय एवं पद्मिनी हाउस के कैडेट्स ने संयुक्त रूप से भाग लिया। कैडेट्स ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों का मन मोह लिया। हिंदी, अंग्रेजी एवं लद्दाखी भाषाओं में प्रस्तुत एकल एवं सामूहिक गीतों ने कैडेट्स की बहुआयामी प्रतिभा और सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित किया।
इसके साथ ही बॉलीवुड गीतों एवं पंजाबी लोकगीतों पर आधारित एकल और सामूहिक नृत्य प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार में उत्साह और ऊर्जा का माहौल बना दिया। हास्य-कविताओं की प्रस्तुतियों को भी दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से सराहा।
मुख्य अतिथि कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया ने कार्यक्रम को कैडेट्स के सर्वांगीण विकास की दिशा में सकारात्मक और रचनात्मक पहल बताया। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल केवल शिक्षा का केंद्र नहीं है, बल्कि कैडेट्स में नेतृत्व, अनुशासन, देशभक्ति और चरित्र निर्माण जैसे गुणों को विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच भी है।
उन्होंने कहा कि प्रतिभा प्रत्येक व्यक्ति में होती है, लेकिन उसे पहचानने और निखारने के लिए उचित मंच एवं मार्गदर्शन आवश्यक है। सैनिक स्कूल कैडेट्स को ऐसा वातावरण प्रदान करता है, जहां वे अपनी प्रतिभा को विकसित करने के साथ आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकते हैं।
उन्होंने नवप्रवेशित कैडेट्स का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम ने नए कैडेट्स के विद्यालय जीवन की शुरुआत को उत्साह, आत्मविश्वास और रचनात्मकता से भर दिया।