ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सवर्ण समाज ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बड़े आंदोलन का आगाज किया है। सामाजिक न्याय संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन को ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और कायस्थ समाज सहित कई सवर्ण संगठनों का समर्थन मिला है। आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में ग्वालियर बंद का आह्वान किया है और बाजार बंद रखने के लिए व्यापारियों एवं आम लोगों से सहयोग की अपील की है।
लक्ष्मीबाई समाधि स्थल पर जुटी भीड़
शहर के ऐतिहासिक लक्ष्मीबाई समाधि स्थल पर सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे। यहां विशाल धरना प्रदर्शन किया गया। आंदोलन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रशासन की ओर से प्रदर्शन के लिए शाम 5 बजे तक की अनुमति दी गई है। इसके बाद आंदोलनकारी प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे।
UGC रोल बैक से लेकर आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कई प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखी हैं। इनमें UGC के फैसले को वापस लेने, आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने, एससी-एसटी एक्ट में संशोधन करने, सवर्ण आयोग के गठन और सभी के लिए समान शिक्षा का अधिकार लागू करने जैसी मांगें शामिल हैं।
करणी सेना के अध्यक्ष संतोष भदौरिया ने कहा कि सवर्ण समाज के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए आंदोलन किया जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार को समाज की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
पुलिस-प्रशासन अलर्ट, सोशल मीडिया पर भी नजर
आंदोलन और ग्वालियर बंद के आह्वान को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। अधिकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की शर्त पर अनुमति दी गई है। कानून व्यवस्था प्रभावित करने या किसी तरह की अशांति फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और अफवाहों को रोकने के लिए साइबर सेल की टीम भी निगरानी कर रही है। एएसपी सुजावल जग्गा ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
एसडीएम अतुल सिंह के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को निर्धारित समय तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी गई है। शाम को ज्ञापन सौंपने के बाद आंदोलन समाप्त कराया जाएगा।