मंदसौर। जिले में मलेरिया नियंत्रण एवं उन्मूलन के लिए मलेरिया इलीमिनेशन ड्राइव कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके तहत वर्ष 2030 तक मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है। मच्छरों के लार्वा के जैविक नियंत्रण के लिए जिले के विभिन्न स्थायी एवं अस्थायी जलस्रोतों में करीब 9 हजार लार्वाभक्षी गम्बूसिया मछलियां छोड़ी गई हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि गम्बूसिया मछली मच्छरों के लार्वा का भक्षण कर उनकी संख्या नियंत्रित करने में सहायक होती है। यह जैविक नियंत्रण की प्रक्रिया है, जिसमें मच्छरों के लार्वा को नियंत्रित करने के लिए गम्बूसिया मछलियों का उपयोग किया जाता है।
मलेरिया विभाग द्वारा कार्ययोजना तैयार कर मंदसौर शहरी क्षेत्र सहित जिले के पांच विकासखंडों मल्हारगढ़, धुंधड़का, सीतामऊ, मेलखेड़ा एवं संधारा में गम्बूसिया मछलियां छोड़ी गईं। मंदसौर शहर में नरसिंहपुरा क्षेत्र स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय के पास कुएं, सीमेंट पाइप फैक्ट्री के पानी, कोर्ट परिसर की बावड़ी एवं धोबी घाट सहित विभिन्न जलस्रोतों में मछलियां छोड़ी गईं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अब तक मलेरिया के कुल 10 पॉजिटिव केस सामने आए हैं। इनमें धुंधड़का विकासखंड में एक, मेलखेड़ा में तीन, संधारा में पांच तथा मंदसौर शहरी क्षेत्र में एक मामला शामिल है।
विभाग के अनुसार गम्बूसिया मछली का संचयन मलेरिया नियंत्रण की दिशा में एक प्रभावी जैविक उपाय है। जलस्रोतों में मच्छरों के लार्वा की संख्या नियंत्रित करने के साथ यह मलेरिया संक्रमण की रोकथाम में भी सहायक है।