नीमच। मध्यप्रदेश आजाद कोटवार कर्मचारी संगठन के बैनर तले नीमच जिले के कोटवारों ने कलेक्ट्रेट में पिछले छह दिनों से चल रहा धरना बुधवार को समाप्त कर दिया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर अपनी विभिन्न मांगों के निराकरण की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने के कारण 31 अक्टूबर से भोपाल के नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
संगठन ने प्रदेश के सभी 38 हजार कोटवारों को स्थायी शासकीय कर्मचारी का दर्जा देने तथा 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कोटवारों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार समकक्ष पदों पर पदोन्नति देने की मांग की है। इसके साथ ही अंग्रेजों और मध्य भारत शासन के समय से कोटवारों को मिली सेवा भूमि का मालिकाना हक दोबारा उनके नाम दर्ज करने की मांग भी उठाई गई।
ज्ञापन में कोटवार पंचायत-2023 की घोषणा के अनुसार भूमिधारी कोटवारों के वेतन में प्रतिवर्ष 500 रुपये की वृद्धि करने और सीयूजी सिम उपलब्ध कराने की मांग की गई। वहीं, टेंडर के माध्यम से वर्दी देने के बजाय पूर्व की व्यवस्था के अनुसार वर्दी की राशि सीधे कोटवारों के बैंक खातों में जमा कराने की मांग रखी गई। संगठन ने इस संबंध में उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला दिया। इसके अलावा कोटवार की मृत्यु होने पर मिलने वाली अनुग्रह राशि बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की मांग भी की गई।
संगठन ने कहा था कि यदि 28 अक्टूबर तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 31 अक्टूबर से भोपाल के नीलम पार्क में प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। इसी क्रम में अब संगठन ने भोपाल में आंदोलन करने का निर्णय लिया है।
ज्ञापन सौंपने के बाद नीमच सहित मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में चल रहे धरने समाप्त कर दिए गए। हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया कि मांगों के निराकरण के लिए आंदोलन जारी रहेगा।