उज्जैन। देवास रोड स्थित होटल श्रीगंगा में शनिवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। होटल के वेस्टेज चैंबर की सफाई करने उतरे चार कर्मचारियों की गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। उन्हें बचाने के प्रयास में कुछ अन्य कर्मचारी भी गैस की चपेट में आकर घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद मौके पर पुलिस और बचाव दल ने देर रात तक रेस्क्यू अभियान चलाया। एसपी प्रदीप शर्मा भी घटनास्थल पर मौजूद रहे।
सफाई के लिए चैंबर में उतरे थे कर्मचारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, होटल के दायीं ओर स्थित वेस्टेज चैंबर में मिठाई, डेयरी उत्पादों और अन्य खाद्य सामग्री का अपशिष्ट एकत्र होता है। शनिवार रात करीब 10:30 बजे कुछ कर्मचारी इसकी सफाई के लिए चैंबर में उतरे थे। बताया जा रहा है कि चैंबर की गहराई अधिक होने और अंदर जमा अपशिष्ट से बनी गैस के कारण कर्मचारी उसकी चपेट में आ गए और बाहर नहीं निकल सके।
बचाव के प्रयास में अन्य कर्मचारी भी हुए घायल
घटना की जानकारी मिलते ही होटल स्टाफ और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पुलिस, एम्बुलेंस और बचाव दल को सूचना दी गई। कर्मचारियों को बाहर निकालने के दौरान कुछ अन्य लोग भी गैस की चपेट में आकर घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
इलेक्ट्रिक कटर से काटना पड़ा चैंबर
चैंबर की गहराई और रेस्क्यू में आ रही दिक्कतों को देखते हुए बचाव दल ने इलेक्ट्रिक कटर की मदद से चैंबर का एक हिस्सा काटा। इसके बाद अंदर फंसे कर्मचारियों को बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद पुलिस जवानों ने अधिकारियों के निर्देश पर कर्मचारियों को सीपीआर भी दिया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
हादसे में इन चार कर्मचारियों की मौत
हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
कमलेश पिता सोहनलाल, निवासी वाल्मीकि नगर, उज्जैन।
नितिन पिता ताराचंद, निवासी वाल्मीकि नगर, उज्जैन।
वाहिद, निवासी सोमवारिया, उज्जैन।
मनोज मीणा, निवासी झालावाड़, राजस्थान।
क्या होता है वेस्टेज चैंबर?
मिठाई और डेयरी उत्पादों की निर्माण इकाइयों से निकलने वाले कचरे, पानी, चाशनी, घी-तेल और अन्य अवशेषों को एकत्र कर ड्रेनेज तक पहुंचाने के लिए वेस्टेज चैंबर बनाया जाता है। इसके जाम होने पर सफाई की आवश्यकता पड़ती है। होटल श्रीगंगा में भी कर्मचारी इसी चैंबर की सफाई के लिए उतरे थे।