माउंट आबू। पर्यटन नगरी माउंट आबू की पहचान नक्की झील को नया और आकर्षक स्वरूप देने की दिशा में अब धरातल पर काम नजर आने लगा है। करीब चार दशक बाद शहर के विकास और नक्की झील के सौंदर्यीकरण को लेकर विभिन्न सरकारी विभागों के बीच ऐसा समन्वय देखने को मिल रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष सुनील आचार्य की पहल पर नगर पालिका, जोधपुर विद्युत वितरण निगम और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी संयुक्त रूप से विकास कार्यों को गति देने में जुटे हैं।
इसी क्रम में शनिवार को अवकाश होने के बावजूद सुबह से ही नगर पालिका अध्यक्ष सुनील आचार्य विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ नक्की झील क्षेत्र पहुंचे। यहां रास्ते को चौड़ा और सुंदर बनाने की योजना के तहत विद्युत लाइनों को हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट करने का काम शुरू किया गया। विद्युत लाइनों की शिफ्टिंग के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहयोग से सड़क किनारे जेब्रा दीवार का निर्माण कराया जाएगा। इससे न केवल रास्ते को व्यवस्थित स्वरूप मिलेगा, बल्कि नक्की झील क्षेत्र की खूबसूरती में भी इजाफा होगा।
नक्की झील के चारों ओर विकास और सौंदर्यीकरण की योजना के तहत अलग-अलग स्थानों पर कार्य शुरू किए गए हैं। इसी कड़ी में महादेव घाट के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन और नगर पालिका का प्रयास है कि झील के आसपास के रास्तों, घाटों और सार्वजनिक स्थलों को बेहतर बनाकर पर्यटकों के लिए सुविधाजनक और आकर्षक बनाया जाए।
इन कार्यों में विभिन्न विभागों की संयुक्त भागीदारी को स्थानीय लोग भी सकारात्मक पहल के रूप में देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि लंबे समय से माउंट आबू में बुनियादी सुविधाओं और पर्यटन स्थलों के विकास की जरूरत महसूस की जा रही थी। अब जब नगर पालिका, विद्युत निगम और सार्वजनिक निर्माण विभाग एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं, तो शहर में बदलाव की उम्मीद जगी है।
विकास कार्यों को लेकर पर्यटकों में भी उत्सुकता दिखाई दे रही है। नक्की झील माउंट आबू का प्रमुख पर्यटन केंद्र है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं। ऐसे में रास्तों का चौड़ीकरण, घाटों का विकास और सौंदर्यीकरण पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
नगर पालिका अध्यक्ष सुनील आचार्य ने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। विभागों के बीच समन्वय बनाकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की यह पहल माउंट आबू के पर्यटन विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।