चित्तौड़गढ़। बाल श्रम की रोकथाम पर श्रम आयुक्त राजस्थान जयपुर के निर्देशों की पालना में विशेषता 21 जनवरी से 27 जनवरी तक विशेष सप्ताह के तहत जिले भर में होटलों, ढाबों वाणिज्यिक संस्थानों, औद्योगिक इकाईयों पर बाल श्रमिक पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जिले के उप श्रम आयुक्त नवलराम डांगी ने बताया कि इस हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही बाल कल्याण समिति तथा पुलिस, बाल तस्करी युनिट, बाल अधिकारिता विभाग आदि से भी सहयोग की अपील की गई है, नियोजकों से शपथ पत्र भरवाए जाएंगे। बाल श्रमिक पाये जाने पर विभिन्न श्रम अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी।
विभाग के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी मदन सालवी ओजस्वी ने बताया कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी नियोजन में रखना कानूनी अपराध है। बाल श्रम रोकने के लिए प्रत्येक थाने में बाल कल्याण अधिकारी नियुक्त किये गये हैं। बाल श्रम रोकथाम के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठकें आयोजित की जाती है। ओजस्वी ने बताया कि बाल हितों के संरक्षण के संदर्भ में बाल कल्याण समिति भी गठित है।
कानूनन तौर पर बाल श्रमिक रखना अपराध है तथा ऐसा पाए जाने पर छः माह का कारावास तथा 20 हजार रूपये के जुर्माना का प्रावधान है। कहीं भी कोई बाल श्रमिक पाये जाने पर कोई भी चाइल्ड लाइन 1098 पर भी फोन करके बाल श्रमिक को मुक्त करा सकते हैं। ओजस्वी ने बताया कि इस पर पालना कडाई से की जाकर दल भी गठित किये जा रहे है।